न्याय में देरी, अन्याय है

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

न्याय में देरी, अन्याय है ("Justice delayed is justice denied") न्याय के क्षेत्र में प्रयोग किया जाने वाली लोकप्रिय सूक्ति है। इसका भावार्थ यह है कि यदि किसी को न्याय मिल जाता है किन्तु इसमें बहुत अधिक देरी हो गयी हो तो ऐसे 'न्याय' की कोई सार्थकता नहीं होती। यह सिद्धान्त ही 'द्रुत गति से न्याय के अधिकार' का आधार है। यह मुहावरा न्यायिक सुधार के समर्थकों का प्रमुख हथियार है।

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]