नवाज़ शरीफ़

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नवाज़ शरीफ़
نواز شریف
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अवलंबी
कार्यालय ग्रहण 
5 जून 2013
राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी
पूर्वा धिकारी मीर हज़ार ख़ान खोसो (कार्यवाहक)
पद बहाल
17 फ़रवरी 1997 – 12 अक्टूबर 1999
राष्ट्रपति वसिम साज्जद
फारूक़ लेघारी
मुहम्मद रफ़िक़ तरार
पूर्वा धिकारी मलिक मेराज खालिद (कार्यवाहक)
उत्तरा धिकारी परवेज़ मुशर्रफ़ (मुख्य कार्यकारी)
पद बहाल
26 मई 1993 – 18 जुलाई 1993
राष्ट्रपति गुलाम इशाक खान
पूर्वा धिकारी बलख शेर मजारी (कार्यवाहक)
उत्तरा धिकारी बलख शेर मजारी (कार्यवाहक)
पद बहाल
6 नवम्बर 1990 – 18 अप्रैल 1993
राष्ट्रपति गुलाम इशाक खान
पूर्वा धिकारी गुलाम मुस्तफा जटोई (कार्यवाहक)
उत्तरा धिकारी मोइनुद्दीन अहमद कुरेशी (कार्यवाहक)

पद बहाल
19 अक्टूबर 1993 – 5 नवम्बर 1996
पूर्वा धिकारी बेनज़ीर भुट्टो
उत्तरा धिकारी बेनज़ीर भुट्टो

पद बहाल
9 अप्रैल 1985 – 13 अगस्त 1990
Governor गुलाम जिलानी खान
सज्जाद हुसैन कुरैशी
टिक्का खान
पूर्वा धिकारी सादिक हुसैन कुरैशी
उत्तरा धिकारी गुलाम हैदर व्यने

अवलंबी
कार्यालय ग्रहण 
27 जुलाई 2011
पूर्वा धिकारी शाहबाज शरीफ
पद बहाल
6 अक्टूबर 1993 – 12 अक्टूबर 1999
पूर्वा धिकारी फ़िदा मोहम्मद ख़ान
उत्तरा धिकारी कालसूम नवाज़ शरीफ़

जन्म 25 दिसम्बर 1949 (1949-12-25) (आयु 64)
लाहौर, पाकिस्तान
राजनीतिक दल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (1985 से पहले)
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-
कार्यात्मक
(1985–1988)
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-
नवाज़
(1988–वर्तमान)
जीवन संगी बेगम कालसूम नवाज़
बच्चे मरयम
हसन
हुसैन
विद्यालय कॉलेज गवर्नमेंट कॉलेज यूनिवर्सिटी, लाहौर
जामिया पंजाब विश्वविद्यलय
धर्म इस्लाम
जालस्थल आधिकारीक जालस्थल
ब्लॉग

मियां महम्मद नवाज़ शरीफ़ (उर्दू: میاں محمد نواز شریف) (जन्म लाहौर, 25 दिसम्बर 1949) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल) के वरिष्ठ नेता है। वे दो बार पहले भी प्रधानमन्त्री रह चुकें है – 1 नवम्बर 1990 से 18 जुलाई 1993 तक (१२ वें प्रधानमंत्री) और 17 फ़रवरी 1997 से 12 अक्टूबर 1999 (१४ वें प्रधानमंत्री)। शरीफ पाकिस्तान के पहले ऎसे नेता हैं, जो तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं।[1] शरीफ को वर्ष 2000 में तत्कालीन सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ ने निर्वासित कर दिया था, इसके पहले उनकी निर्वाचित सरकार को बर्खास्त कर दिया गया था।[1] इस तख्तापलट के बाद पाकिस्तान एन्टि-टेरोरिज़्म कोर्ट ने नवाज़ शरीफ़ को भ्रष्टाचार के अपराध में दोषी करार दिया था। सऊदी अरब की मध्यस्तता से शरीफ़ को जेल से बचाकर सऊदी अरब के जेद्दा नगर में निर्वासित किया गया।

अगस्त 23, 2007 में सुप्रीम कोर्ट ने शरीफ़ को पाकिस्तान वापस आने की इजाज़त दी। सितम्बर 10, 2007 को शरीफ सात वर्षों के निर्वासन के बाद इसलामाबाद लौटे, पर उन्हें एयारपोर्ट से ही तुरन्त जेद्दा वापस भेज दिया गया।[2]


सन्दर्भ[संपादित करें]