धूम्रपान निषेध

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अमेरिका में 4.48 करोड़ लोगों ने धूम्रपान छोड़ दिया है।

निषेध प्रक्रिया[संपादित करें]

धुम्रपान छोड़ने के लिए इन चरणों का पालन कर सकते हैं-

  • सिगरेट छोड़ने का एक निश्चित दिन तय करे और उसे उत्सव की तरह मनायें।
  • “मैं धूम्रपान नहीं छोड़ सकता हूँ” या “मुझे सिगरेट तो चाहिये ही” जैसे विचार दिमाग में न लाकर अपने स्वास्थ्य के बारे में सोंचें।
  • उन स्थितियों, जगहों और मित्रों से दूर रहने की कोशिश करें, जहाँ या जिनके साथ आप अक्सर धूम्रपान करते हैं।
  • अपने परिवार के अन्य सदस्यों को अपने धूम्रपान छोड़ने के इरादे से अवगत कराएं ताकि वे आपका सहयोग करें।


उपचार[संपादित करें]

बूप्रोपियोन (बूप्रोन एस. आर. 150) और वरेनिक्लीन (चेम्पिक्स) आदि दवाएं धूम्रपान निषेध में अत्यंत उपयोगी हैं। वरनिक्लीन बूप्रोपियोन से अधिक प्रभावशाली है।[कृपया उद्धरण जोड़ें]इनमें निकोटिन नहीं होता है। लेकिन ये मस्तिष्क में जाकर उन रिसेप्टर्स से चिपकती है, जहाँ निकोटिन चिपक कर नशे और ताज़गी का झूँठा अहसास देती है। इससे दिमाग को भ्रम होता है कि शरीर को निकोटिन मिल रहा है और सिगरेट की तलब नहीं होती है। यदि व्यक्ति सिगरेट सुलगा भी लेता है तो उसे मजा नहीं आता है क्योंकि निकोटिन के रिसेप्टर्स तो पहले से ही तृप्त होते हैं (दवा के प्रभाव के कारण) और निकोटिन दिमाग में इधर उधर घूम कर समय बिताता है। ये दवाएं सिगरेट छोड़ने के एक या दो हफ्ते पहले कम मात्रा में ली जाती है और एक सप्ताह बाद मात्रा बढ़ा दी जाती है। अमुक निश्चित दिन सिगरेट छोड़ दी जाती है। इस उपचार को लगभग 3 महीने बाद बंद कर दिया जाता है। प्रायः तब तक व्यक्ति की सिगरेट पीने की आदत छूट चुकी होती है। इन दवाओं की मात्रा इस प्रकार है।

बूप्रोपियोन (बूप्रोन एस. आर.) पहले सप्ताह 150 मि.ग्राम. की रोज की एक गोली, दूसरे सप्ताह से मात्रा बढ़ा कर रोजाना दो गोली एक सुबह और एक शाम को 7-12 सप्ताह तक देकर बंद कर दें।

वरेनिक्लीन (चेम्पिक्स) पहले सप्ताह 0.5 मि.ग्राम. की रोज एक गोली सुबह एक गोली शाम को, दूसरे सप्ताह से मात्रा बढ़ा कर 1 मि.ग्राम. की एक गोली सुबह एक गोली शाम को 12 सप्ताह तक प्रतिदिन देकर बंद कर दें।

निकोटीन च्यूइंग गम या पेच सिगरेट छोड़ने के साथ ही निकोटिन का पेच 16-24 घन्टे चिपका कर रखें। पेच की जगह निकोटिन का च्यूइंग गम (यह गुटखा के नाम से मिलता है) या इनहेलर भी प्रयोग कर सकते हैं। इससे आपके सिगरेट की तलब नहीं होगी क्योंकि शरीर को निकोटिन तो मिल ही रहा है। प्रायः 3-6 महीने बाद जब आपको लगे कि सिगरेट की आदत पूरी तरह छूट गई है तो इसे बन्द कर दें।

काउंसलिंग मनोचिकित्सक से समूह में या अकेले में ले सकते हैं।

लाभ[संपादित करें]

[कृपया उद्धरण जोड़ें]

सिगरेट छोड़ने की अवधि आश्चर्यजनक परिणाम

  • 20 मिनट रक्त-चाप और हृदय गति कम हो जाती है और हाथ-पैरों में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है।
  • 12 घंटे रक्त में कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर सामान्य हो जाता है।
  • 2 सप्ताह – 3 महीने रक्त संचार सुधरता है और फेफड़े भली भांति कार्य करने लगते हैं।
  • 1 – 9 महीने खांसी और श्वास कष्ट काफी कम हो जाता है, श्वास नलियों की आंतरिक सतह पर स्थित रोम (cilia) अपना कार्य सुचारु रूप से करने लगते हैं, फेफड़ों में जमा श्लेष्म (mucus) साफ हो जाता है और संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।
  • 1 वर्ष कोरोनरी हृदय रोग का जोखिम पहले से आधा रह जाता है।
  • 5 वर्ष मुँह, गला, भोजन नली और मूत्राशय के कैंसर का पहले से जोखिम आधा रह जाता है, गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) के कैंसर का जोखिम घट कर धूम्रपान न करने वालो के बराबर हो जाता है और स्ट्रोक का जोखिम 2-3 साल में घट कर धूम्रपान न करने वालो के बराबर हो जाता है।
  • 10 वर्ष फेफड़े के कैंसर के कारण होने वाली मृत्यु दर उन लोगों से आधी रह जाती है जो अभी भी सिगरेट पी रहे हैं और स्वर यंत्र (larynx) और अग्न्याशय (pancreas) के कैंसर का जोखिम भी कम हो जाता है।
  • 15 वर्ष कोरोनरी हृदय रोग का जोखिम धूम्रपान नहीं करने वाले व्यक्ति के बराबर रह जाता है।


बाहरी सूत्र[संपादित करें]