धान की भूसी का तेल

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

धान की भूसी का तेल, धान के जर्म (अंकुराणु) एवं अन्दर की भूसी से निकाला जाता है। इसका धूम्र बिन्दु बहुत अधिक है (254 °C) जिसके कारण इसका प्रयोग उच्च-ताप पर भोजन बनाने के लिये किया जाता है। बहुत से एशियाई देशों में इसका प्रयोग पाचक-तेल (कुकिंग आयल) जैसे किया जाता है।

धान की भूसी में अनेक प्रकार की वसायें (फैट) पाये जाते हैं जिसमें से ४७% मोनोसचुरेटेड, ३३% पॉलीसैचुरेटेड, तथा २०% सैचुरेटेड होते हैं। धान की भूसी में वसीय अम्लों की उपस्थिति निम्न सारणी में दी गयी है-

वसीय अम्ल प्रतिशत
Palmitic 15.0%
Stearic 1.9%
Oleic 42.5%
Linoleic 39.1%
Linolenic 1.1%
Arachidic 0.5%
Behenic 0.2%

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]