द्रुह्यु लोग

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द्रुह्यु बृहत भारतीय उपमहाद्वीप के पश्चिमोत्तर भाग में बसने वाले आर्य समुदाय का एक प्रमुख क़बीला था। इनका वर्णन ऋग्वेद में अनु समुदाय के साथ आता है। ऋग्वेद के सातवे मंडल में द्रुह्यु योद्धा पुरुओं द्वारा स्थापित उस मित्रपक्ष में थे जिन्होने दस राजाओं के युद्ध (दशराज्ञ युद्ध) में भारत क़बीले के राजा सुदास से जंग की थी जिसमें पुरुओं की हार हुई थी।

भारत से मध्य एशिया[संपादित करें]

पौराणिक स्रोतों के अनुसार द्रुह्यु समुदाय का अधिकांश भाग पंजाब छोड़कर मध्य एशिया चला गया था। द्रुह्यु-नरेश अंगर को इक्ष्वाकु कुल के राजा मंधातरी ने पंजाब से पश्चिमोत्तर की ओर खदेड़ दिया था।[1] इतिहासकार ऍफ ई पार्जिटर के अनुसार वहाँ द्रुह्युओं के अगले राजा गान्धार ने अपने ही नाम से गान्धार राज्य की स्थापना की। पुराणों में द्रुह्यु राजा प्रचेतस के बाद द्रुह्युओं का कोई उल्लेख नहीं मिलता। प्रचेतस के बारे में लिखा है कि उनके १०० बेटे अफ़ग़ानिस्तान से उत्तर जाकर बस गये और 'म्लेच्छ' हो गये।[2][3]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Indian Sociology Through Ghurye: A Dictionary, S. Devadas Pillai, Popular Prakashan, Page 163, ISBN 978-81-7154-807-1
  2. Bhagavata 9.23.15–16; Visnu 4.17.5; Vayu 99.11–12; Brahmanda 3.74.11–12 and Matsya 48.9
  3. The Quest for the Origins of Vedic Culture:The Indo-Aryan Migration Debate: The Indo-Aryan Migration Debate, Edwin Bryant, pp. 138, Oxford University Press, 2001, ISBN 978-0-19-513777-4