दीवार (१९७५ फ़िल्म)
| दीवार | |
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| 200px दीवार का पोस्टर |
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| निर्देशक | यश चोपड़ा |
| निर्माता | गुलशन राय |
| लेखक | सलीम ख़ान, जावेद अख्तर |
| सितारे | अमिताभ बच्चन, शशि कपूर, निरूपा रॉय, नीतू सिंह, परवीन बॉबी, इफ़्तेख़ार |
| संगीतकार | राहुल देव बर्मन साहिर लुधियानवी (गीत) |
| प्रदर्शन की तिथि(याँ) | 1 जनवरी 1975 |
| देश | भारत |
| भाषा | हिन्दी |
दीवार 1975 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है । यश चोपरा निर्मित दीवार हिन्दी सिनेमा की सबसे सफलतम फिल्मों मे से है जिसने अमिताभ के "एंग्री यंग मैन" के खिताब को स्थापित कर दिया| इस फिल्म ने अमिताभ के करियर को नयी बुलंदियों पर पहुँचा दिया| कहा जाता है की फिल्म की कहानी अंडरवर्ल्ड डॉन हाजी मस्तान के जीवन पर आधारित है और अमिताभ बच्चन ने यही किरदार निभाया है| फिल्म कहानी है दो भाइयों की जो बचपन मे अपने और अपने परिवार पर अत्याचार को झेलकर जिंदगी में दो अलग अलग रास्ते चुनते है जो दोनो के बीच मे एक दीवार खड़ी कर देते है|
कहानी: आनंद वेर्मा(सत्यन कप्पू) मजदूर संघ के नेता है और मजदूरों के हक़ के लिए फॅक्टरी मालिकों से लड़ाई करते है| पर फॅक्टरी मालिक उसे परिवार की जान की धमकी देते है जिससे डरकर आनंद उनकी बात मान लेता है| मजदूर इससे गुस्साकर आनंद पर जानलेवा हमला कर देते है| आनंद घर छोड़कर भाग जाता है और मजदूरों से परेशन होकर आनंद की बीवी सुमित्रा(निरुपमा रॉय) अपने बच्चों, विजय(अमिताभ बच्चन) और रवि(शशि कपूर), के साथ बंबई चली आती है| इससे पहले मजदूर विजय के हाथ पर "मेरा बाप चोर है" लिख देते है| अपने बच्चों को पालने के लिए सुमित्रा मज़दूरी करती है| विजय भी पढ़ाई छोड़कर मज़दूरी करने लगता है ताकि उसका भाई रवि पढ़ सके| बड़े होकर विजय एक फॅक्टरी मे मजदूर बन जाता है और रवि एक पुलिस अफ़सर| विजय को लगता है की दुनिया उसी की सुनती है जिसके पास पैसा है और सचाई के रास्ते पर चलने से सिर्फ़ नाकामी मिलती है| पर रवि को सचाई और क़ानून मे पूरा विश्वास है|पर उसे क़ानून और भाई मे से किसी एक को चुनना है| पैसे कमाने की चाह में विजय सोना तस्करी करने लगता है और फिर शुरू होती है दोनो भाइयों मे तकरार की कहानी|
फिल्म के संवाद बहुत ही दमदार है और आज तक इस्तेमाल किय जाते है| फिल्म के गाने दर्शको ने पसंद किए है| फिल्म की कहानी दर्शको को कुर्सी से बाँधे रखती है|
कुछ प्रसीद संवाद है:
"मेरा बाप चोर है"
"आज मेरे पास बंगला है गाड़ी है, बॅंक बॅलेन्स है तुम्हारे पास क्या है-मेरे पास माँ है"
"में आज भी फेके हुए पैसे नही उठाता"
"ये चाबी अपनी जेब मैं रख ले पीटर अब ये ताला मैं तेरी जेब से चाबी निकल कर ही खोलूँगा"
"पीटर तुम मुझे वहाँ ढूंढ रहे हो और में तुम्हारा यहा इंतेज़ार कर रहा हूँ."
निर्देशक: यश चोपरा
निर्माता : गुलशन राई
कथा लेखक: जावेद अख़्तर , सलीम ख़ान
अनुक्रम |
चरित्र [संपादित करें]
मुख्य कलाकार [संपादित करें]
- अमिताभ बच्चन - विजय वर्मा
- शशि कपूर - रवि वर्मा
- निरूपा रॉय - सुमित्रा देवी, रवि व विजय की माँ
- सत्येन्द्र कपूर - आनन्द वर्मा, रवि व विजय के पिता
- नीतू सिंह - लीना नारंग
- परवीन बॉबी - अनिता
- इफ़्तेख़ार - मुल्कराज धाबडिया
- मनमोहन कृष्णा - डीसीपी नारंग
- मदन पुरी - सामन्त
- सुधीर - जयचन्द
- जगदीश राज - जग्गी
- राज किशोर - दर्पण
- युनुस परवेज़ - रहीम चाचा, कुलियों का नायक
- मोहन शेरी - पीटर का आदमी
- मास्टर अलंकार - बालक विजय वर्मा
- मास्टर राजू - बालक रवि वर्मा
- राजन वर्मा - लच्छू
- ए के हंगल - चन्दर के पिता
- दुलारी - चन्दर की माँ
- सप्रू - मिस्टर अगरवाल
- कमल कपूर - आनन्द वर्मा का मिल मालिक
दल [संपादित करें]
- निर्माता - यश चोपड़ा
- कथा - सलीम ख़ान, जावेद अख्तर
- पटकथा - सलीम ख़ान, जावेद अख्तर
- संवाद - सलीम ख़ान, जावेद अख्तर
- निर्माता - गुलशन राय
- चलचित्रण - के जी
- समपादक - टी आर मंगेशकर, प्राण मेहरा
- कला निर्देशक - देश मुख़र्जी
- स्टंट - एम् बी शेट्टी, कोडी एस ईरानी
- संगीतकार - राहुल देव बर्मन
- गीतकार - साहिर लुधियानवी
- पार्श्व गायक - आशा भोसले, मन्ना डे, किशोर कुमार, भूपेंद्र सिंह, उर्सुला वाज़, उषा मंगेशकर
संगीत [संपादित करें]
| गीत | गायक | टिप्पणी |
|---|---|---|
| "कहदूं तुम्हे" | किशोर कुमार, आशा भोसले | लोकप्रिय गीत |
| "मैंने तुझे माँगा तुझे पाया है" | किशोर कुमार, आशा भोसले | |
| "कोई मरजाए" | आशा भोसले, उषा मंगेशकर | |
| "दीवारों का जंगल" | मन्ना डे | |
| "इधर का माल उधर" | भूपेंद्र सिंह | |
| "आइ एम फालिंग इन लव विथ ए स्ट्रेंजर" | उर्सुला वाज़ |
रोचक तथ्य [संपादित करें]
परिणाम [संपादित करें]
बौक्स ऑफिस [संपादित करें]
समीक्षाएँ [संपादित करें]
नामांकन और पुरस्कार [संपादित करें]
दीवार ने वर्ष 1976 फिल्मफेयर पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ट अभिनेता व सह-अभिनेत्री भागों को छोड़ लगभग सभी पुरस्कारों को जीत गया|[1]
- फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार विजयी
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- सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म - गुलशन राय
- सर्वश्रेष्ठ निर्देशक - यश चोपड़ा
- सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता - शशि कपूर
- सर्वश्रेष्ठ कथा - सलीम ख़ान, जावेद अख्तर
- सर्वश्रेष्ठ पटकथा - सलीम ख़ान, जावेद अख्तर
- सर्वश्रेष्ठ संवाद - सलीम ख़ान, जावेद अख्तर
- सर्वश्रेष्ठ ध्वनिमुद्रण - एम् ए शेख
- फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार नामांकित[2]
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- सर्वश्रेष्ठ अभिनेता - अमिताभ बच्चन
- सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री - निरूपा रॉय