दलित साहित्य
दलित साहित्य से तात्पर्य दलित जीवन और उसकी समस्याओं पर लेखन को केन्द्र में रखकर हुए साहित्यिक आंदोलन से है जिसका सूत्रपात दलित पैंथर से माना जा सकता है. दलितों को हिंदू समाज व्यवस्था में सबसे निचले पायदान पर होने के कारण न्याय, शिक्षा, समानता तथा स्वतंत्रता आदि मौलिक अधिकारों से भी वंचित रखा गया। उन्हें अपने ही धर्म मे अछूत या अस्पृश्य माना गया। दलित साहित्य की शुरूआत मराठी से मानी जाती है जहां दलित पैंथर आंदोलन के दौरान बडी संख्या में दलित जातियों से आए रचनाकारों ने आम जनता तक अपनी भावनाओं, पीडाओं, दुखों-दर्दों को लेखों, कविताओं, निबन्धों, जीवनियों, कटाक्षों, व्यंगों, कथाओं आदि के माध्यम से पहुंचाया।
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अवधारणा [संपादित करें]
दलित साहित्य की अवधारणा को लेकर लंबी बहसें चलीं. यह सवाल दलित साहित्य में प्रमुखता से छाया रहा कि दलित साहित्य कौन लिख सकता है, यानी स्वानुभूति ही प्रामाणिक होगी या सहानुभूति को भी स्थान मिलेगा. प्रमुख दलित साहित्यकारों ने कहा चूंकि सवर्णों ने दलितों की पीडा को भोगा नहीं, इसलिए वे दलित साहित्य नहीं लिख सकते. हालांकि यह मत ज्यादा दिनों तक टिका नहीं, लेकिन आरंभ में बहस का मुद्दा बना रहा. यह प्रश्न मराठी की तुलना में हिंदी में अधिक उठा. अंत में इस बात पर राय बनती नजर आई कि दलित साहित्य अस्सी और नब्बे के दशक में उभरा एक साहित्यिक आंदोलन है जिसमें प्रमुखता से दलित समाज में पैदा हुए रचनाकारों ने हिस्सा लिया और इसे अलग धारा मनवाने के लिए संघर्ष किया.[1]
प्रमुख भारतीय भाषाओं में दलित साहित्य [संपादित करें]
- मराठी दलित साहित्य
- हिंदी दलित साहित्य
- तेलुगु दलित साहित्य
- गुजराती दलित साहित्य
- कन्नड दलित साहित्य
प्रमुख दलित साहित्यकार [संपादित करें]
- कैलाश चंद चौहान
- बिहारी लाल हरित
- आनंद स्वरूप
- महाशय नत्थु राम ताम्र मेली
- प्रोफ़ेसर शत्रुघ्न कुमार
- ओमप्रकाश वाल्मीकि
- धर्मवीर
- मोहन नैमिशरायदास
- कँवल भारती
- संजीव खुदशाह
- श्योराज सिंह बेचैन
- तेज़ सिंह
- सूरजपाल चौहान
- जयप्रकाश कर्दम
- तुलसी राम
- चमनलाल
- विमल थोरात
- बुद्धशरण हंस
- दयानंद बटोही
- कौशल्या बैशंत्री
- माता प्रसाद
- एन सिंह
- चंद्रभान प्रसाद
- सी.बी. भारती
- उमराव सिंह जाटव
- अजय नावरिया
- रूपनारायण सोनकर
- रत्न कुमार साम्भरिया
- कर्मशील भारती
- कालीचरण प्रेमी
- राजेश कुमार बौद्ध
- प्रेम कपाडिया
- रजत रानी मीनू
- कावेरी
- रजनी तिलक
- अनीता भारती
- मुकेश मानस
- तेजपाल सिंह
- सुदेश तनवर
- सूरज बडत्या
- दिलीप कठेरिया
- बजरंग बिहारी तिवारी
- राज वाल्मीकि
- पूनम तुसामड
- कैलाश दहिया
- जयप्रकाश लीलवान
- कैलाश वानखेड़े
- राजेन्द्र बडगुजर
manoj kumar== वाह्य सूत्र ==
- दलित साहित्य के बहाने कुछ टीप
- दलित साहित्य रचना : एक सकारात्मक पहल
- दलित साहित्य का समाजशास्त्र (गूगल पुस्तक ; लेखक - हरिनारायण ठाकुर)
सन्दर्भ [संपादित करें]
- ↑ वीर भारत तलवार- दलित साहित्य की अवधारणा, चिंतन की परंपरा और दलित साहित्य, पृष्ठ-75