तुर्की का राष्ट्रीय स्मारक

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तुर्की का राष्ट्रीय स्मारक
Cumhuriyet Anıtı

तुर्की का राष्ट्रीय स्मारक
निर्देशांक 41°02′13″N 28°59′06″E / 41.03694, 28.985निर्देशांक: 41°02′13″N 28°59′06″E / 41.03694, 28.985
स्थिति इस्ताम्बूल तुर्की का तकसीम स्क्वायर
अभिकल्पना पीट्रो कैनोनिका
सामग्री कांस्य मूर्तियाँ संगमरमर ढाँचा
ऊँचाई 11 मी. (36 फुट)
उद्घाटन तिथि 8 अगस्त, 1928
समर्पित तुर्की गणराज्य के निर्माता

तुर्की का राष्ट्रीय स्मारक (अंग्रेजी: Republic Monument, तुर्कीयाई : Cumhuriyet Anıtı) तुर्की गणराज्य के निर्माता कमाल पाशा के द्वारा बनबाया गया एक स्मारक है। यह स्मारक इस्ताम्बुल के तकसीम स्क्वायर पर स्थित है। यह ऐतिहासिक स्मारक उन बहादुर सेनानियों की जीवन्त स्मृति को अक्षुण्ण रखने के लिये बनबाया गया था जिन्होंने तुर्की में जनतान्त्रिक गणराज्य स्थापित करने में योगदान दिया था। इस खूबसूरत स्मारक में रंगीन संगमरमर के ढाँचे पर कांस्य की मूर्तियाँ स्थापित की गयी हैं। इतिहासकारों के अनुसार कमाल पाशा के नेतृत्व में तुर्की गणराज्य सन् 1923 में स्थापित हुआ था। आम जनता से आर्थिक सहयोग लेकर लगभग ढाई साल में बनकर तैयार हुए इस स्मारक को आम जनता के दर्शनार्थ 9 अगस्त 1928 को सार्वजनिक रूप से खोल दिया गया।

इतिहास[संपादित करें]

स्मारक का पिछला भाग (रात्रि के समय)

कमाल अतातुर्क, जिसे इतिहास में मुस्तफा कमाल पाशा के नाम से भी जाना जाता है, के आदेश से तुर्की के इस्ताम्बुल शहर में तकसीम स्क्वायर नामक स्थान पर इसका निर्माण शुरू किया गया था। आम जनता के सामूहिक आर्थिक सहयोग से लगभग ढाई साल में बनकर तैयार हुए इस स्मारक का उद्घाटन 8 अगस्त 1928 को डॉ० हक्की सिनासी पाशा ने किया था। इसका डिजाइन इटली के विख्यात मूर्तिकार पीट्रो कैनोनिका ने तैयार किया था।[1]

11 मीटर (36 फुट) ऊँचे इस राष्ट्रीय स्मारक में तुर्की गणराज्य के संस्थापक कमाल पाशा सहित उन सभी सेनानायकों की आदमकद कांस्य मूर्तियाँ लगायी गयी हैं जिन्होंने तुर्की को एक वास्तविक लोकतन्त्र प्रदान किया। तुर्की के राष्ट्रपिता मुस्तफा कमाल पाशा सहित उनके सहायक इस्मत इनोनू एवं फेव्ज़ी कैकमाक की कांस्य मूर्तियाँ भी इस स्मारक में स्थापित हैं। उनके सभी सहयोगियों को उसी वेशभूषा में दर्शाया गया है जिस वेश में वे लोग अपने निजी जीवन में रहा करते थे। ऐसा इसलिये किया गया जिससे स्मारक को देखकर तुर्की के निवासी उनसे प्रेरणा ले सकें। स्मारक में उन सभी राजनेताओं व सेनानायकों की मूर्तियों को देखकर किसी भी पर्यटक के मन में तुर्की का इतिहास जानने की इच्छा स्वाभाविक रूप से जागृत हो उठती है। रात्रि के समय भारी संख्या में लोग इसे देखने जाते हैं। स्मारक चारो ओर से दर्शनीय है। तुर्की का यह राष्ट्रीय स्मारक ही वह जगह है जहाँ राष्ट्रीय अवकाश के दिन सभी सरकारी आयोजन सम्पन्न होते हैं।[2]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Prof. Dr. Pietro Canonica (1869 - 1962)" (Turkish में). Kim Kimdir?. http://www.kimkimdir.gen.tr/kimkimdir.php?id=553. 
  2. Muhsin Öztürk, "Anıttaki “gizli” Rus", Aksiyon, Sayı: 270, February 5, 2000

सन्दर्भ ग्रन्थ[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]