तिथि

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हिन्दू काल गणना के अनुसार मास में ३० तिथियां होतीं हैं, जो दो पक्षों में बंटीं होती हैं।

ये १-१४ तक तिथियों को निम्न कहते हैं:-

मूल नाम तद्भ्व नाम
पूर्णिमा पूरनमासी
प्रतिपदा पड़वा
द्वितीया दूज
तृतीया तीज
चतुर्थी चौथ
पंचमी पंचमी
षष्ठी छठ
सप्तमी सातें
अष्टमी आठें
नवमी नौमी
दशमी दसमी
एकादशी ग्यारस
द्वादशी बारस
त्रयोदशी तेरस
चतुर्दशी चौदस
अमावस्या अमावस

चन्द्र मास एक अमावस्या के अन्त से शुरु होकर दूसरे अमावस्या के अन्त तक रहता है. अमावस्या के दिन सूर्य और चन्द्र का भौगांश बराबर होता है. इन दोनों ग्रहों के भोंगाश में अन्तर का बढना ही तिथि को जन्म देता है. तिथि की गणना निम्न प्रकार से की जाती है.

तिथि = चन्द्र का भोगांश - सूर्य का भोगांश / ( Divide) 12.

वैयक्तिक औज़ार
नामस्थान

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