तिग्मांशु धूलिया

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तिग्मांशु धूलिया
Photo Of Tigmanshu Dhulia From The DVD launch of 'Paan Singh Tomar'.jpg
जन्म नाम तिग्मांशु धूलिया
जन्म 3 जुलाई 1967 (1967-07-03) (आयु 47)
इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश, भारत
व्यवसाय निर्माता,
निर्देशक,
अभिनेता

तिग्मांशु धूलिया (जन्मः ३ जुलाई १९६७) भारतीय हिन्दी फिल्म उद्योग बॉलीवुड के एक प्रसिद्ध निर्माता, निर्देशक और अभिनेता हैं। उन्होने अपना कैरियर शेखर कपूर निर्देशित फिल्म बैंडिट क्वीन से बतौर कास्टिंग निर्देशक शुरु किया।

प्रारम्भिक जीवन[संपादित करें]

तिग्मांशु का जन्म उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद मे ३ जुलाई १९६७ को हुआ था। उनका परिवार मूल रूप से उत्तराखंड के पौङी जिले के मदनपुर गाँव से है।[1] उनके पिता स्व. केशव चन्द्र धूलिया हाईकोर्ट के जज थे और माता श्रीमती सुमित्रा धूलिया संस्कृत की प्रोफ़ेसर थीं।[2] तिग्मांशु ने अपनी प्रारम्भिक पढाई सेंट जोसेफ स्कूल और एंग्लो बंगाली इण्टरमिडियेट कालेज से की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उन्होने अंग्रेजी, अर्थशास्त्र और आधुनिक इतिहास मे स्नातक की पढाई पूरी की। इसके बाद उन्होने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से रंगमंच मे परास्नातक किया।

फिल्मी कैरियर[संपादित करें]

तिग्मांशु ने १९९० मे बैंडिट क्वीन मे बतौर कास्टिंग निर्देशक अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की। उन्होने इस फिल्म मे संवाद भी लिखे। इन्होने मणिरत्नम निर्देशित फिल्म दिल से की पटकथा भी लिखी।[3] वर्ष २००० मे आयी आसिफ कपाङिया निर्देशित फिल्म द वारियर मे भी उन्होने कास्टिंग का काम किया। उन्होने स्टिफ अपर लिप्स और बाम्बे ब्ल्यूज मे भी कास्टिंग की।[4]

निर्देशक[संपादित करें]

निर्देशक के रूप मे तिग्मांशु ने अपना कैरियर वर्ष २००३ की फिल्म हासिल के साथ शुरु किया। इस फिल्म के लिये [[[इरफ़ान खान]] को फिल्मफेयर का नकारात्मक भूमिका मे सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कर मिला। २००४ मे उन्होने इरफ़ान खान, जिमी शेरगिल और उदय चोपड़ा को लेकर चरसः ए ज्वाइण्ट ऑपरेशन निर्देशित की। २०११ मे तिग्मांशु निर्देशित दो फिल्मे प्रदर्शित हुईः शागिर्द और साहब बीबी और गैंगस्टर। वर्ष २०१२ मे धूलिया निर्देशित फिल्म पान सिंह तोमर प्रदर्शित हुई। यह फिल्म चंबल के बाग़ी बने पान सिंह तोमर, जो बाधा दौङ मे ७ बार का राष्ट्रीय रिकार्डधारी था, के जीवन पर आधारित थी। बैंडिट क्वीन करते समय ही तिग्मांशु ने पान सिंह के बारे मे सुना था। इस फिल्म मे इरफ़ान खान मुख्य भूमिका मे थे। इस फिल्म के निर्देशन के लिये तिग्मांशु की खासी सराहना हुई।[5] इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छा प्रदर्शन किया।

अभिनेता[संपादित करें]

बतौर अभिनेता तिग्मांशु ने अपने कैरियर की शुरुआत अनुराग कश्यप निर्देशित फिल्म गैंग्स ऑफ़ वासेपुर-भाग १ से की।[6] इस फिल्म के भाग १ और भाग २ दोनो मे उन्होने रामाधीर सिंह का किरदार निभाया। इस किरदार के लिए धूलिया को निर्देशक की सराहना भी मिली। अनुराग कश्यप के अनुसार,"तिग्मांशु हमेशा से ही अच्छे अभिनेता रहे हैं"।[7] इससे पहले अनुराग ने भी तिग्मांशु की फिल्म शागिर्द (२0११) में बंटी भैया की भूमिका निभाई थी।[8]

संदर्भ[संपादित करें]

  1. तिग्मांशु धूलिया
  2. अनपढ़ हैं ज्यादातर फिल्म निर्माता: तिग्मांशु
  3. कम बजट की फिल्मों के लिए अब परेशानी नहीं : तिग्मांशु
  4. तिग्मांशु धूलिया
  5. ज़रूर देखें 'पान सिंह तोमर'...
  6. निर्देशक से अभिनेता बने तिग्मांशु धूलिया
  7. गैंग्स ऑफ़ वासेपुर में अभिनय के लिये तिग्मांशु धूलिया को मनाना पड़ा: अनुराग
  8. शागिर्द चौथी दुनिया में ८ मार्च २0११ को प्रकाशित स्तंभ