तरुण विजय
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तरुण विजय भारतीय राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत पत्रकार एवं चिन्तक हैं। सम्प्रति वे श्यामाप्रसाद मुखर्जी शोध संस्थान के अध्यक्ष हैं। वह 1986 से 2008 तक करीब 22 सालों तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखपत्र पाञ्चजन्य के संपादक रहे। फिलहाल वह डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन के डायरेक्टर के पद पर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरूआत ब्लिट्ज़ अखबार से की थी। बाद में कुछ सालों तक फ्रीलांसिंग करने के बाद वह आरएसएस से जुड़े और उसके प्रचारक के तौर पर दादरा और नगर हवेली में आदिवासियों के बीच काम किया। तरुण विजय शौकिया फोटोग्राफर भी हैं और हिमालय उन्हें बहुत लुभाता है। उनके मुताबिक सिंधु नदी की शीतल बयार, कैलास पर शिवमंत्रोच्चार, चुशूल की चढ़ाई या बर्फ से जमे झंस्कार पर चहलकदमी - इन सबको मिला दें तो कुछ-कुछ तरुण विजय नज़र आएंगे।
कृतियाँ [संपादित करें]
- वामपंथी कलुष-कथा
- कैलाश मानसरोवर - साक्षात् शिव से संवाद
- India Battles to Win
बाहरी कड़ियाँ [संपादित करें]
- तरुण विजय का ब्लाग (हिन्दी तथा अंग्रेजी में)
- तरुण विजय - तरुण विजय के लेख
- तरुण विजय का विस्तृत परिचय
- सिविल सेवा का पृथक जनजातीय कैडर बने : तरुण विजय