तंत्रसंग्रह
मुक्त ज्ञानकोष विकिपीडिया से
तंत्रसंग्रह नीलकण्ठ सोमयाजी द्वारा संस्कृत में रचित खगोलशास्त्रीय ग्रंथ है। यह ग्रंथ 1501 ई में पूर्ण हुआ। इसमें 432 श्लोक हैं जो आठ अध्यायों में विभक्त हैं।
इन्हें भी देखें [संपादित करें]
- केरलीय गणित सम्प्रदाय
- युक्त्तिभाषा - तंत्रसंग्रह का टीकाग्रन्थ
- तर्कसंग्रह
बाहरी कड़ियाँ [संपादित करें]
- तंत्रसंग्रह (गूगल पुस्तक, अंग्रेजी व्याख्या)