जोरहाट

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जोरहाट
—  शहर  —
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य असम
ज़िला जोरहाट
जनसंख्या 66,450 (2001 के अनुसार )
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)

• 116 मीटर (381 फी॰)

Erioll world.svgनिर्देशांक: 26°45′N 94°13′E / 26.75°N 94.22°E / 26.75; 94.22 भोगदोई नदी के किनारे बसा जोरहाट असम का म‍हत्‍वपूर्ण शहर माना जाता है। इसकी स्थापना 18 वीं सदी के अन्तिम दशक में हुई थी। यहां पर चौकीहाट और माचरहाट नाम के दो बाजार हैं। इसी कारण इसका नाम जोरहाट रखा गया है। यहां पर विभिन्न संस्कृतियों और जातियों से जुडे लोग रहते हैं। जिनमें असमिया, मुस्लिम, पंजाबी, बिहारी और मारवाड़ी प्रमुख हैं। जोरहाट को 1983 ई. में पूर्ण रूप से जिला घोषित किया गया था। जोरहाट में मुख्यत: वैष्णव धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं। यहां पर वैष्णव धर्म से जुड़े अनेक मठ और सतरा भी बने हुए हैं।

इतिहास[संपादित करें]

जोरहाट की स्थापना 18वीं सदी के अन्तिम दशक में हुई थी। 18वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में यह नगर स्वतंत्र अहोम राज्य की राजधानी था; जोरहाट में ताई भाषा बोलने वाले अहोम लोगों ने लगभग पहली शताब्दी में चीन के युन्नान क्षेत्र से देशांतरण किया था। जोरहाट को 1983 ई. में पूर्ण रूप से ज़िला घोषित किया गया था।

मुख्य आकर्षण[संपादित करें]

जोरहाट में मुख्यत: वैष्णव धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं। जोरहाट पर वैष्णव धर्म से जुड़े अनेक मठ और सतरा भी बने हुए हैं।

माजुली[संपादित करें]

यह वैष्णव धर्म का सबसे बड़ा तीर्थस्थान है। माजुली में वैष्णव धर्म के औनिआती, दक्षिणपथ, गारामूर और कमलाबाड़ी जैसे अनेक तीर्थस्थान हैं। इन तीर्थस्थानों को यहां के लोग सतरा पुकारते हैं।

दक्षिणपथ सतरा[संपादित करें]

दक्षिणपथ सतरा की स्थापना बनमालीदेव ने की थी। सतरा के साथ उन्होंने रासलीला की शुरूआत भी की थी। यहां पर हरेक साल रासलीला का आयोजन किया जाता है।

औनियाती सत्तरा[संपादित करें]

इसकी स्थापना निरंजन पाठकदेव ने की थी। यह सतरा अपने पालनाम और अप्सराओं के नृत्य के लिए प्रसिद्ध है। इसमें पर्यटक प्राचीन असम के बर्तनों, आभूषणों और हस्त निर्मित वस्तुओं को भी देख सकते हैं।

कमलाबाडी सतरा[संपादित करें]

बेदुलापदम अता ने इस सतरा की स्थापना की थी। यह सतरा वैष्णव धर्म का मुख्य तीर्थस्थान है। तीर्थस्थान होने के साथ ही यह कला, साहित्य, शिक्षा और संस्कृति का मुख्य केन्द्र भी है। इसकी एक शाखा भी है। इस शाखा का नाम उत्तर कमलाबाडी है। यह सतरा भारत और विश्व के अलग-अलग भागों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रदर्शन करते हैं।

बेंगेनाती सतरा[संपादित करें]

इस सतरा की स्थापना मुरारीदेव ने की थी। यहां पर पर्यटक असम की संस्कृति से जुडी प्राचीन व दुलर्भ वस्तुओं का संग्रह देख सकते हैं। इन वस्तुओं में अहोम शासक स्वर्गदेव गदाधर सिंह के राजसी वस्त्र और उनका शाही छाता प्रमुख हैं। यह दोनों वस्तुएं सोने से बनी हुई है।

शिक्षण संस्थान[संपादित करें]

अन्य शैक्षणिक संस्थानों में जोरहाट इंजीनियरिंग कॉलेज, इंस्टिट्यूट ऑफ़ रेन ऐंड मॉयस्ट डेसिडुअस फ़ॉरेस्ट रिसर्च, कॉलेज ऑफ़ वेटनरी साइंस और कॉलेज ऑफ़ फ़िशरीज शामिल हैं।

टिप्पणी[संपादित करें]

बाहरी सूत्र[संपादित करें]

देखें[संपादित करें]

जोरहाट