जूल प्रभाव

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यदि किसी द्रव या गैस को किसी वाल्व या सछिद्र प्लग से होकर गुजारा जाता है और बाहर से इंसुलेट करके इसमें उष्मा का आदान-प्रदान नहीं होने दिया जाता तो उस तरल का ताप बदल जाता है जिसे उष्मागतिकी में जूल-थॉमसन प्रभाव (Joule–Thomson effect) के नाम से जाना जाता है। इसे "केल्विन-जूल प्रभाव" भी कहते हैं। उक्त प्रक्रम को थ्रॉटिलिंग कहा जाता है। सामान्य ताप पर हाइड्रोजन, हिलियम एवं नियान के अतिरिक्त सभी गैसें इस प्रभाव के कारण ठण्डी हो जातीं हैं।

जूल थोम्सन एक रुधोस्म प्रक्रम है। जिसमें गैस का दाब उच्च से अचानक कम हो जाता है और रुधोस्म प्रक्रम की तरह ही तापमान कम हो जाता है।

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