ज़िया फ़रीदुद्दीन डागर

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ज़िया फ़रीदुद्दीन डागर (15 जून 1932 - 8 मई 2013) एक भारतीय ध्रुपद गायक थे। वे ध्रुपदिया गायक उस्ताद ज़ियाउददीन डागर के बेटे थे, जो उदयपुर के महाराणा भूपाल सिंह के दरबार में संगीतज्ञ थे।[1] उन्हें मध्य प्रदेश सरकार द्वारा "तानसेन सम्मान" दिया गया। संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से वे सम्मानित किए गए। उन्हें भारत सरकार द्वारा 2012 में पद्म श्री से सम्मानित करने की घोषणा की गई पर उन्होंने सम्मान लेने से इंकार कर दिया। उनका कहना था कि सरकार ने सीनियरिटी को नजरअंदाज़ करते हुए उनसे जूनियर ध्रुपद गायकों यह सम्मान पहले ही दे दिया था।[2]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "शांत हो गई संगीत की तान, उस्तादों के उस्ताद कहा 'अलविदा' दोस्तों!" (हिंदी में). दैनिक भास्कर. http://www.bhaskar.com/article/MP-BPL-ziya-fariduddin-sitar-vadak-4258769-NOR.html. अभिगमन तिथि: 17 मार्च 2014. 
  2. "ध्रुपद गायकी के एक युग का अंत" (हिंदी में). इनसाइट टीवी न्यूज नेटवर्क. http://insighttvnews.com/newsdetails.php?show=5729. अभिगमन तिथि: 17 मार्च 2014.