जयाप्रदा
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Jaya Prada
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| निर्वाचन क्षेत्र | Rampur |
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| राजनैतिक पार्टी | SP |
| As of September 17, 2006 Source: [1] |
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जयाप्रदा (तेलुगु: జయప్రద) (जन्म 3 अप्रैल, 1962) एक भारतीय फ़िल्म अभिनेत्री और राजनीतिज्ञ हैं.
अनुक्रम |
प्रारंभिक जीवन [संपादित करें]
जयाप्रदा का जन्म ललिता रानी के रूप में, भारत के आंध्र प्रदेश राज्य में स्थित राजमंड्री के एक मध्यम-वर्गीय परिवार में हुआ था. उनके पिता कृष्णा एक तेलुगू फ़िल्म फाइनेंशियर थे. उनकी मां नीलवाणी ने उन्हें कम उम्र में ही नृत्य और संगीत कक्षाओं में दाख़िल कर दिया था.
कॅरिअर [संपादित करें]
जब वे चौदह वर्ष की थीं, तब उन्होंने अपने स्कूल के वार्षिक समारोह में एक नृत्य प्रदर्शन किया. दर्शकों में एक फ़िल्म निर्देशक भी शामिल थे, और उन्होंने जयाप्रदा से तेलुगू फ़िल्म 'भूमिकोसम' में तीन मिनट के नृत्य प्रदर्शन की पेशकश की. जयाप्रदा हिचकिचाईं, लेकिन उनके परिवार ने उन्हें प्रस्ताव स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्हें फ़िल्म में अपने काम के लिए केवल 10 रुपए दिए गए, पर उन्हें और भी बड़े मौक़े मिले, जब फ़िल्म के उन तीन मिनटों के अंश को तेलुगू फ़िल्म उद्योग की प्रमुख हस्तियों को दिखाया गया, और उनके सामने प्रस्तावों की बाढ़ आ गई. बड़े फ़िल्म निर्माताओं ने उनके सामने अपनी विशेष दर्जे की फ़िल्मों में भूमिकाओं की पेशकश की, और उन्होंने स्वीकार कर लिया. सन् 1976 में हिट की तिकड़ी के साथ, एक बड़ी स्टार बन गईं: के. बालचंदर की अंतुलेनी कथा, जिसमें उनके नाटकीय कौशल को समेटा गया; के. विश्वनाथ की सिरी सिरी मुव्वा, जिसमें उन्होंने शानदार नृत्य कौशल वाली एक मूक लड़की की भूमिका निभाई, और सीता की शीर्षक भूमिका में बड़े बजट वाली पौराणिक फ़िल्म सीता कल्याणम्, जिसने उनकी बहुमुखी प्रतिभा की पुष्टि की. सन् 1977 में उन्होंने अडवी रामुडु में अभिनय किया, जिसने बॉक्स ऑफ़िस के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और स्थाई रूप से उन्हें एक स्टार का दर्जा दिया.[1] जयाप्रदा तथा सह-अभिनेता एन.टी. रामराव पर फ़िल्माया गया गीत "आरेसुकोबोई पारेसुकुन्नानु" जनता के बीच ज़बरदस्त हिट साबित हुआ.[2] उन्होंने तेलुगू फ़िल्मों से बाहर निकल कर, तमिल, मलयालम और कन्नड़ फ़िल्मों में भी अभिनय किया और उनकी इन सब भाषाओं में फ़िल्में सफल रहीं.
बॉलीवुड कॅरिअर [संपादित करें]
के. विश्वनाथ ने फ़िल्म सिरी सिरी मुव्वा (1976) का पुनर्निर्माण हिंदी में सरगम शीर्षक से किया और सन् 1979 में जयाप्रदा को बॉलीवुड से परिचित कराया. फ़िल्म ज़बरदस्त हिट हुई और वे रातों रात वहां भी स्टार बन गईं. उन्होंने बतौर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पहला फ़िल्मफ़ेयर नामांकन अर्जित किया, लेकिन अपनी सफलता को भुना नहीं सकीं, क्योंकि वे हिंदी नहीं बोल सकती थीं.[3] इसके तीन साल बाद निर्देशक के. विश्वनाथ ने हिट फ़िल्म 'कामचोर' (1982) के ज़रिए हिंदी फ़िल्मों में दुबारा प्रवेश कराया, जहां पहली बार वे धाराप्रवाह हिन्दी बोलती नज़र आईं.[4] अब वे लगातार हिन्दी फ़िल्मों में काम करने में सक्षम बनीं और प्रकाश मेहरा की फ़िल्म शराबी (1984) में अमिताभ बच्चन की प्रेमिका के रूप में और के. विश्वनाथ की 'संजोग' (1985 की फ़िल्म) में अपनी चुनौतीपूर्ण दोहरी भूमिका के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के रूप में दो और फ़िल्मफ़ेयर नामांकन अर्जित किए.
अपने बॉलीवुड फ़िल्म कॅरिअर के साथ, उन्होंने दक्षिण में के. विश्वनाथ की तेलुगू हिट फ़िल्म 'सागर संगमम' (1983) जैसी सराहनीय फ़िल्मों में काम करना जारी रखा. उनके प्रशंसकों में न केवल आम जनता शामिल थीं, बल्कि महान भारतीय निर्देशक सत्यजीत रे भी, जिन्होंने कहा कि वे विश्व की सबसे सुंदर महिलाओं में से एक हैं.[5] हालांकि, उन्होंने बंगाली फ़िल्मों में भी अभिनय किया है, लेकिन कभी रे के लिए काम नहीं किया. (उन्होंने दावा किया कि रे के मन में उनके साथ एक फ़िल्म बनाने का विचार था, लेकिन उनकी बीमारी और मृत्यु के बाद यह सहयोग संभव नहीं हो पाया.)[6]
जयाप्रदा ने न केवल अमिताभ बच्चन और जितेंद्र के साथ सफल जोड़ी बनाई, बल्कि तत्कालीन परदे पर उनकी प्रतिद्वंद्वी श्रीदेवी के साथ भी, जिनके साथ उन्होंने लगभग एक दर्जन फ़िल्मों में अभिनय किया है. उनकी तेलुगू फ़िल्म 'देवता' (फ़िल्म) (1982) का, जिसमें उन्होंने दो बहनों की भूमिकाएं निभाईं, जो एक दूसरे के लिए बड़ा बलिदान करती हैं, हिट हिंदी फ़िल्म 'तोहफ़ा' (1984) के रूप में पुनर्निर्माण किया गया. इन फ़िल्मों ने जयाप्रदा को परंपरागत रूढ़िवादी वर्ग के सिनेमाप्रेमियों का चहेता बना दिया. यह एक ऐसी छवि थी, जो उस समय अच्छी तरह से काम आई, जब उन्होंने एक राजनीतिज्ञ के रूप में अपना नया कॅरिअर शुरू किया.
2002 में, उन्होंने फ़िल्म 'आधार' में एक अतिथि भूमिका के ज़रिए मराठी फ़िल्म उद्योग में क़दम रखा.[7] अब तक, उन्होंने सात भाषाओं में काम किया है और अपने 30-वर्षीय फ़िल्म कॅरिअर के दौरान 300 फिल्मों को पूरा किया है. 2004 में उन्होंने परिपक्व भूमिकाएं निभानी शुरू की.
वे चेन्नई में जयाप्रदा थियेटर की मालकिन भी हैं.[8]
निजी जीवन [संपादित करें]
1986 में, उन्होंने निर्माता श्रीकांत नाहटा से शादी की, जो पहले से ही चंद्रा के साथ विवाहित थे, जिनके साथ उनके 3 बच्चे हुए. कहने की ज़रूरत नहीं है, इस शादी ने काफ़ी विवादों को जन्म दिया, विशेषकर इसलिए कि नाहटा ने अपनी वर्तमान पत्नी को तलाक़ नहीं दिया और अपनी पहली पत्नी के साथ, जयाप्रदा से शादी करने के बाद भी बच्चे पैदा किए.[9] जयाप्रदा और श्रीकांत के कोई बच्चे नहीं हैं, लेकिन जयाप्रदा ने संतान की इच्छा व्यक्त की है. जयाप्रदा और उनके पति की पहली पत्नी, दोनों, स्नेहपूर्ण तरीक़े से पति साझा करने के लिए सहमत हुए हैं.[10]
राजनीतिक जीवन [संपादित करें]
जयाप्रदा को सन् 1994 में उनके पूर्व साथी अभिनेता एन.टी. रामराव ने तेलुगू देशम पार्टी में प्रवर्तित किया. बाद में उन्होंने रामराव से नाता तोड़ लिया और पार्टी के चंद्रबाबू नायडु वाले गुट में शामिल हो गईं. सन् 1996 में उन्हें आंध्र प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के लिए राज्य सभा में मनोनीत किया गया.
पार्टी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू के साथ मतभेदों के कारण, उन्होंने तेदेपा को छोड़ दिया और समाजवादी पार्टी में शामिल हो गईं तथा सन् 2004 के आम चुनावों के दौरान रामपुर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा और सफल रहीं. उन्हें लोकसभा चुनाव के अपने अभियान के दौरान, रामपुर स्वर इलाक़े की महिलाओं को बिंदी वितरण द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए, निर्वाचन आयोग द्वारा एक नोटिस जारी किया गया.[11] 11 मई 2009 को, जयाप्रदा ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान ने उनकी नग्न तस्वीरों का वितरण किया है.[12] वे दुबारा 30,000 से भी ज़्यादा वोटों से चुनी गईं.[13]
फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार एवं नामांकन [संपादित करें]
- लाइफ़टाइम एचीवमेंट अवार्ड (दक्षिण)(2007)[14]
- सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री - सरगम (1979)
- सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री - शराबी (1984)
- सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री - संजोग (1985 की फ़िल्म) (1985)
अन्य पुरस्कार [संपादित करें]
- अंतुलेनी कथा के लिए नंदी सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार
- कला सरस्वती पुरस्कार
- किन्नेर सावित्री पुरस्कार
- राजीव गांधी पुरस्कार
- नरगिस दत्त स्वर्ण पदक
- शकुंतला कला रत्नम् पुरस्कार
- उत्तम कुमार पुरस्कार[15]
- उत्तम लेखक (2005) के लिए कलाकार पुरस्कार[16][17]
- ANR उपलब्धि पुरस्कार (2008)[18]
संदर्भ [संपादित करें]
- ↑ Adavi Ramudu: 29 years passed but the magic still remains
- ↑ http://www.nbkfans.com/annantrvideos.html (यहां गीत देखा जा सकता है)
- ↑ http://www.telegraphindia.com/1071029/asp/entertainment/story_8480555.asp
- ↑ http://specials.rediff.com/movies/2006/jun/20slide4.htm
- ↑ SmasHits.com - MAHIMA: SMALL IS BEAUTIFUL TOO - Bollywood Hindi Tamil Telugu Indian Music Videos and News
- ↑ Deccan Herald - A woman of today
- ↑ "Jaya Prada forays into Marathi films" Indiatimes.com, 24 मई, 2002
- ↑ Jaya Prada in troubled waters" Idlebrain.com, 4 सितम्बर, 2003
- ↑ FilmChamber
- ↑ Screen the business of entertainment-Films-Interview
- ↑ Jayaprada issued notice for violating poll code
- ↑ Azam circulating nude posters of mine: Jaya
- ↑ Jayaprada steals the show, wins Rampur
- ↑ http://www.totaltollywood.com/news/Happy-Days-makes-a-sweep-at-Filmfare_2333.html
- ↑ Nahata, Shrimati Jayaprada:
- ↑ Kalakar Awards
- ↑ Kalakar Awards
- ↑ http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/msid-3519022,prtpage-1.cms
बाह्य लिंक [संपादित करें]
अन्य लिंक [संपादित करें]
- जयाप्रदा का IMDB प्रोफ़ाइल http://www.imdb.com/name/nm0419685/
- Dasavatharam (Ten Reincarnations): Jaya Prada, the evergreen Indian Actress charms once again
| पूर्वाधिकारी Noor Bano |
Member of Parliament from Rampur 2004 – present |
पदस्थ |