जनसंपर्क

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जनसंपर्क का सीधा अर्थ है जनता से संपर्क रखना। नारद जी के कार्यों को जनसंपर्क का पहला उदाहरण माना जाता है। आज किसी भी संस्था की साख बनाने के लिए जनसंपर्क एक आवश्यक अंग माना जाता है। सरकारों के अलावा निजी संस्थाएं भी जनसंपर्क के माध्यम से अपनी साख बनाने का कार्य करती है। जनसंपर्क को संक्षेप में ऐसा कार्य कहा जाता है, जिसे जनता द्वारा सराहा जाए, जनसंपर्क का पहला तत्व है अच्छा प्रदर्शन। किसी संगठन या किसी संस्था का जनता के साथ जो संबंध बनता है, उसे जनसंपर्क बढ़ता है, अच्छे जनसम्पर्क में सच्चाई और ईमानदारी होनी चाहिए।

सन्दर्भ[संपादित करें]