चू राज्य (प्राचीन चीन)

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चू (Chu) राज्य झगड़ते राज्यों के काल के सात मुख्य राज्यों में से एक था (हरे रंग में)

चू राज्य (चीनी भाषा: 楚國, चू गुओ; अंग्रेज़ी: Chu) प्राचीन चीन के झोऊ राजवंश के दौरान एक रियासत थी। यह लगभग १०३० ईसापूर्व से २२३ ईसापूर्व तक चला। इस राज्य का नाम पहले जिंग (荆, Jing) था, फिर जिंगचू (荆楚, Jingchu) हुआ और अंत में केवल चू नाम रहा। अपने चरम पर इस राज्य में एक विशाल क्षेत्रफल शामिल था, जिसमें आधुनिक हूबेई और हूनान प्रान्त के पूर्ण इलाक़े और चोंगचिंग, गुइझोऊ, हेनान, जिआंगशी, जिआंगसू, झेजियांग और शंघाई के भी भाग शामिल थे। इसकी राजधानी पहले दानयांग (丹阳, Danyang) था लेकिन फिर यिंग (郢, Ying) बन गया। २२५ ईपू में झगड़ते राज्यों के काल के आख़िरी सालों में पड़ोसी चिन राज्य ने उसपर क़ब्ज़ा कर लिया। यही बड़ा राज्य आगे चलकर चिन राजवंश का आधार बन गया जिसने पूरे चीन को अपने राज्य में संगठित किया।[1]

संस्कृति और विद्रोह[संपादित करें]

शुरू में चू की संस्कृति अन्य झोऊ राज्यों से मिलती थी, लेकिन दक्षिणी जातियों को अपने क्षेत्र में सम्मिलित करने के कारण इसकी संस्कृति उत्तरी चीनी राज्यों से भिन्न हो गई। चू के लोग कई नस्लों में बंटे हुए थे लेकिन उन सब में कुछ सामान धारणाएँ थीं, जिनमें प्रकृति का आदर, दिव्य-शक्तियों में आस्था, अपनी भिन्न संस्कृति से लगाव और चू राजघराने से वफ़ादारी शामिल थीं। उस युग के प्रसिद्ध चू कवि चू युआन ने चू की इस निराली संस्कृति को अपने चू त्सि (楚辭, Chu Ci) नामक कविता-संग्रह में व्यक्त किया। २२५ ईपू में चिन राज्य ने चू पर क़ब्ज़ा तो कर लिया लेकिन चू के लोग उन्हें नफ़रत से देखते थे। ऊपर से चिन सरकार ने ज़बरदस्ती चू के कुछ लोगों को महान चीनी दीवार के निर्माण में भी मज़दूर बनाया जहाँ वह भीहड़ इलाक़ों में काम करने और मरने को मजबूर हो गए। इस से चिन के विरुद्ध और भी घृणा फैली। उस समय की एक कहावत चीन में मशहूर है कि यह नफ़रत इतनी गहरी थी कि 'अगर चू के तीन परिवार भी बच गए, तो चिन को तबाह कर देंगे' (楚雖三戶, 亡秦必楚, चू सुई सान हु, वांग चिन बिचु)।[2] चू के किसानों और अन्य समुदायों में बहुत से विद्रोह भड़कते रहे लेकिन चिन सबको कुचलने में सफल हो गया। चिन विजई तो रहा लेकिन आगे चलकर पश्चिमी हान राजवंश के काल में चीन की संस्कृति पर चू के गहरे प्रभाव स्वीकृत हो गए और पूरी चीनी सभ्यता में फैल गए।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Autocratic tradition and Chinese politics, Zhengyuan Fu, Cambridge University Press, 1993, ISBN 978-0-521-44228-2
  2. A Thousand Pieces of Gold: Growing Up Through China's Proverbs, Adeline Yen Mah, HarperCollins, 2003, ISBN 978-0-06-000641-9, ... Ever since the last King of Chu was taken into captivity by Qin's First Emperor, the people of Chu have mourned him. It has been said, 'Chu sui san hu, wang Qin bi Chu,' even if there are but three families left in Chu, the Qin empire will be toppled by someone from Chu ...