चन्द्रशेखर

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चन्द्रशेखर
चन्द्रशेखर

कार्यकाल
१० नवंबर १९९० – २१ जून १९९१
पूर्ववर्ती विश्वनाथ प्रताप सिंह
परवर्ती पी. वी. नरसिंह राव

जन्म १ जुलाई १९२७
इब्राहिमपट्टी, उत्तर प्रदेश
मृत्यु ८ जुलाई २००७
राजनैतिक दल समाजवादी जनता पार्टी (राष्ट्रीय)
जीवन संगी द्विजा देवी[1]

चन्द्रशेखर सिंह (जन्म 1 जुलाई, 1927 - मृत्यु 8 जुलाई, 2007) भारत के नौवें प्रधानमन्त्री थे।

जीवनी[संपादित करें]

प्ररम्भिक जीवन[संपादित करें]

उनका जन्म १९२७ में पूर्वी उत्तरप्रदेश के बलिया जिले के इब्राहिमपट्टी का एक कृषक परिवार में हुआ था। इनकी स्कूली शिक्षा भीमपुरा के राम करन इण्टर कॉलेज में हुई. उन्हौने एम ए डिग्री इलाहाबाद विश्वविद्यालय से किया। उन्हें विद्यार्थी राजनीति में एक "फायरब्रान्ड" के नाम से जाना जाता था। विद्यार्थी जीवन के पश्चात वह समाजवादी राजनीति में सक्रिय हुए।[2]

राजनैतिक जीवन[संपादित करें]

१९६२ से १९६७ तक वह भारत के ऊपरी सदन राज्य सभा के सदस्य थे। उन्होंने १९८४ में भारत की पदयात्रा की, जिससे उन्होंने भारत को अच्छी तरह से समझने की कोशिस की। इस पदयात्रा से इन्दिरा गांधी को थोड़ी घबराहट हुई।

उन्होंने पहले का नेता विश्वनाथ प्रताप सिंह के राजीनामा के बाद जनता दल से कुछ नेता लेकर समाजवादी जनता पार्टी स्थापना की। उनकी सरकार को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने चुनाव ना करने के लिए समर्थन करने के बाद उनका छोटा बहुमत का सरकार बन गया। उन का कांग्रेस से सम्बन्ध बाद मे कांग्रेस ने उनको नेता राजीव गांधी का सुराकी करने के आरोप के कारण से बदल गया। कांग्रेस ने उनके सरकार को सहयोग नकारने के बाद उन्होंने ६० सांसद के समर्थन के साथ इस्तीफा घोषणा कर दी।

प्रधान मन्त्री के पद में ७ महीने तक रहे चन्द्रशेखर मार्च ६, १९९१ में राजीनामा किया। उन्होंने लेकिन राष्ट्रीय चुनाव तक प्रधानमन्त्री का पद संभाला। चन्द्रशेखर उनके संसदीय वार्तालाप के लिए बहुत चर्चित थे। उन्हे १९९५ में आउटस्ट्यांडिंग पार्लिमेन्टेरियन अवार्ड भी मिला था।

चन्द्र शेखर भारत के निचले सदन लोक सभा के सदस्य थे। उन्होंने यहाँ समाजवादी जनता पार्टी (राष्ट्रीय) का नेतृत्व किया था। १९७७ से उन्होंने लोक सभा की निर्वाचन ८ बार उत्तर प्रदेश के बल्लिया क्षेत्र से जीता था। उन्होंने १९८४ मे इन्दिरा गांधी की बडी समर्थन के समय में ही एक बार चुनाव हारा था।

शेखरजी को मल्टिपल मायलोमा, एक प्रकार का प्लाज्मा कोष क्यान्सर हुवा था। ३ मई, २००७ को उनको इस रोग ने गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती किया गया। उनकी अवस्था बिगड्ती गयी और आखिर में जुलाई ८ में नई दिल्ली में अस्पताल में उनका देहावसान हो गया।[3]

टीका-टिप्पणी[संपादित करें]



पूर्वाधिकारी
विश्वनाथ प्रताप सिंह
भारत के प्रधानमन्त्री
१९९०—१९९१
उत्तराधिकारी
पी. वी. नरसिंह राव


हस्ताक्षर[संपादित करें]

Chandrashekhar-Prime-Minister.jpg

बाहरी कडियां[संपादित करें]

यह भी देखें[संपादित करें]