चंद्रयान-२

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Chandrayaan-2
लक्ष्य प्रकार Orbiter, lander and one rover
का उपग्रह Moon
लॉन्च तिथि 2013 (expected)[1]
लॉन्च वाहन GSLV
अभियान काल One year (orbiter and rover)
गृह पृष्ठ ISRO
द्रव्यमान 2,650 Kg (orbiter, lander and rover)

चंद्रयान-2 भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान संगठन (इसरो) तथा रूस की अंतरिक्ष एजेंसी (आरकेए) का एक प्रस्तावित चन्द्र अन्वेषण अभियान है जिसकी लागत भारतीय रुपया425 करोड़ (US$90 मिलियन) है।[2] जीएसएलवी प्रक्षेपण यान द्वारा 2013[1] में भेजे जाने वाले इस अभियान में भारत में निर्मित एक लूनर ऑर्बिटर (चन्द्र यान) तथा एक रोवर एवं रूस द्वारा निर्मित एक लैंडर शामिल होंगे। इसरो के अनुसार यह अभियान विभिन्न नयी प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल तथा परीक्षण के साथ-साथ 'नए' प्रयोगों को भी करेगा।[3][4] पहिएदार रोवर चन्द्रमा की सतह पर चलेगा तथा ऑन-साइट विश्लेषण के लिए मिट्टी या चट्टान के नमूनों को एकत्र करेगा। आंकड़ों को चंद्रयान-2 ऑर्बिटर के माध्यम से पृथ्वी पर भेजा जायेगा।[5] मायलास्वामी अन्नादुराई के नेतृत्व में चंद्रयान-1 अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली टीम चंद्रयान-2 पर भी काम कर रही है।

इतिहास[संपादित करें]

भारत सरकार ने 18 सितंबर 2008 को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस अभियान को स्वीकृति दी थी।[6]

12 नवंबर, 2007 को इसरो और रूसी अंतरिक्ष एजेंसी (रोसकोसमोस) के प्रतिनिधियों ने चंद्रयान-2 परियोजना पर साथ काम करने के एक समझौते पर हस्ताक्षर किए.[7] ऑर्बिटर तथा रोवर की मुख्य जिम्मेदारी इसरो की होगी तथा रोसकोसमोस लैंडर के लिए जिम्मेदार होगा. अंतरिक्ष यान के डिजाइन को अगस्त 2009 में पूर्ण कर लिया गया जिसमे दोनों देशों के वैज्ञानिकों ने अपना संयुक्त योगदान दिया.[8][9][10][1]

डिजाइन[संपादित करें]

अंतरिक्ष यान

इस अभियान को श्रीहरिकोटा द्वीप के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से जियोसिंक्रोनस सेटेलाइट लॉन्च वेहिकल एमके-II द्वारा भेजे जाने की योजना है; उड़ान के समय इसका वजन लगभग 2,650 किलो होगा.[11]

ऑर्बिटर

ऑर्बिटर को इसरो द्वारा डिजाइन किया जायेगा और यह 200 किलोमीटर की ऊंचाई पर चन्द्रमा की परिक्रमा करेगा.[12] इस अभियान में ऑर्बिटर को पांच पेलोड के साथ भेजे जाने का निर्णय लिया गया है। तीन पेलोड नए हैं, जबकि दो अन्य चंद्रयान-1 ऑर्बिटर पर भेजे जाने वाले पेलोड के उन्नत संस्करण हैं। उड़ान के समय इसका वजन लगभग 1400 किलो होगा.[13][14]

लैंडर

चन्द्रमा की सतह से टकराने वाले चंद्रयान-1 के लूनर प्रोब के विपरीत, लैंडर धीरे-धीरे नीचे उतरेगा.[15] लैंडर को रूसी अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा प्रदान किया जायेगा. लैंडर तथा रोवर का वजन लगभग 1250 किलो होगा. रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोसकोसमोस 2011 में लैंडर का परीक्षण करने की योजना बना रही है।[16][17][18]

रोवर

रोवर का वजन 30-100 किलो किलो के बीच होगा और सौर ऊर्जा द्वारा संचालित होगा. रोवर चन्द्रमा की सतह पर पहियों के सहारे चलेगा, मिट्टी और चट्टानों के नमूने एकत्र करेगा, उनका रासायनिक विश्लेषण करेगा और डाटा को ऊपर ऑर्बिटर के पास भेज देगा जहां से इसे पृथ्वी के स्टेशन पर भेज दिया जायेगा.[19][20]

पेलोड[संपादित करें]

इसरो ने घोषणा की है कि एक विशेषज्ञ समिति के निर्णय के अनुसार ऑर्बिटर पर पांच तथा रोवर पर दो पेलोड भेजे जायेंगे.[21][22] हालांकि शुरुआत में बताया गया था कि नासा तथा ईएसए भी इस अभियान में भाग लेंगे और ऑर्बिटर के लिए कुछ वैज्ञानिक उपकरणों को प्रदान करेंगे,[23] इसरो ने बाद में स्पष्ट किया कि वजन प्रतिबंधों के चलते वह इस अभियान पर किसी भी गैर-भारतीय पेलोड को साथ नहीं ले जायेगी.[12]

ऑर्बिटर पेलोड
  • चन्द्र सतह पर मौजूद प्रमुख तत्वों की मैपिंग (मानचित्रण) के लिए इसरो उपग्रह केन्द्र (ISAC), बंगलौर से लार्ज एरिया सॉफ्ट एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर (क्लास) और फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी (PRL), अहमदाबाद से सोलर एक्स-रे मॉनिटर (XSM).[22]
  • स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (SAC), अहमदाबाद से एल और एस बैंड सिंथेटिक एपर्चर रडार (एसएआर); चन्द्र सतह पर वॉटर आइस (बर्फीले पानी) सहित अन्य तत्वों की खोज के लिए. एसएआर से चन्द्रमा के छायादार क्षेत्रों के नीचे वॉटर आइस की उपस्थिति की पुष्टि करने वाले और अधिक साक्ष्य प्रदान किये जाने की उम्मीद है।[22]
  • SAC, अहमदाबाद से इमेजिंग आईआर स्पेक्ट्रोमीटर (IIRS); खनिज, पानी, तथा हाइड्रॉक्सिल की मौजूदगी संबंधी अध्ययन हेतु चन्द्रमा की सतह के काफी विस्तृत हिस्से का मानचित्रण करने के लिए.[22]
  • अंतरिक्ष भौतिकी प्रयोगशाला (SPL), तिरुअनंतपुरम से न्यूट्रल मास स्पेक्ट्रोमीटर (ChACE2); चन्द्रमा के बहिर्मंडल के विस्तृत अध्ययन के लिए.[22]
  • SAC, अहमदाबाद से टेरेन मैपिंग कैमरा-2 (टीएमसी-2); चन्द्रमा के खनिज-विज्ञान तथा भूविज्ञान के अध्ययन के लिए आवश्यक त्रिआयामी मानचित्र को तैयार करने के लिए.[22]
रोवर पेलोड
  • लेबोरेट्री फॉर इलेक्ट्रो ऑप्टिक सिस्टम्स (LEOS), बंगलौर से लेजर इंड्यूस्ड ब्रेकडाउन स्पेक्ट्रोस्कोप (LIBS).[22]
  • PRL, अहमदाबाद से अल्फा पार्टिकल इंड्यूस्ड एक्स-रे स्पेक्ट्रोस्कोप (APIXS).

वर्तमान स्थिति[संपादित करें]

30 अगस्त 2010 तक इसरो द्वारा चंद्रयान-2 के लिए पेलोड को अंतिम रूप दिया जा चुका है।[24]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

  • वर्तमान और भविष्य के चंद्र अभियानों की सूची

संदर्भ[संपादित करें]

  1. "Chandrayaan-2 launch by 2013". The Hindu. http://www.hindu.com/2009/07/05/stories/2009070556691600.htm. अभिगमन तिथि: 2009-07-06. 
  2. "India, Russia giving final shape to Chandrayaan-2". Hindustan Times. 2008-10-30. http://www.hindustantimes.com/StoryPage/StoryPage.aspx?sectionName=&id=7d024b18-bd9c-4011-96ba-111c19bebd24&&Headline=Final+shape+given+to+Chandrayaan-2. अभिगमन तिथि: 2008-11-11. 
  3. "Chandrayaan-2 to be finalised in 6 months". The Hindu. 2007-09-07. http://www.hinduonnet.com/2007/09/27/stories/2007092756381500.htm. अभिगमन तिथि: 2008-10-22. 
  4. "Chandrayaan-II will try out new ideas, technologies". The Week. 2010-09-07. http://week.manoramaonline.com/cgi-bin/MMOnline.dll/portal/ep/contentView.do?contentId=7859475&programId=1073754912&pageTypeId=1073754893&contentType=EDITORIAL&BV_ID=@@@. अभिगमन तिथि: 2010-09-07. 
  5. "ISRO plans Moon rover". The Hindu. 2007-01-04. http://www.hindu.com/2007/01/04/stories/2007010401342200.htm. अभिगमन तिथि: 2008-10-22. 
  6. "Cabinet clears Chandrayaan-2". The Hindu. 2008-09-19. http://www.hindu.com/2008/09/19/stories/2008091961981800.htm. अभिगमन तिथि: 2008-10-23. 
  7. "India, Russia to expand n-cooperation, defer Kudankulam deal". Earthtimes.org. 2008-11-12. http://www.earthtimes.org/articles/show/140647.html. अभिगमन तिथि: 2008-11-11. 
  8. "ISRO completes Chandrayaan-2 design news". domain-b.com. 2009-08-17. http://www.domain-b.com/aero/space/spacemissions/20090817_chandrayaan-2_design.html. अभिगमन तिथि: 2009-08-20. 
  9. "India and Russia complete design of new lunar probe". 2009-08-17. http://en.rian.ru/world/20090817/155832962.html. अभिगमन तिथि: 2009-08-20. 
  10. "India and Russia Sign an Agreement on Chandrayaan-2". ISRO. 2007-11-14. http://www.isro.org/pressrelease/Nov14_2007.htm. अभिगमन तिथि: 2008-10-23. [मृत कड़ियाँ]
  11. दी इकॉनोमिक टाइम्स-चंद्रयान-2 टू गेट क्लोजर टू मून
  12. 'वी'आर लॉन्चिंग चंद्रयान-2 फॉर ए टोटल कवरेज ऑफ दी मून'
  13. दी इकॉनोमिक टाइम्स-चंद्रयान-2 टू गेट क्लोजर टू मून
  14. आईएसआरओ-पेलोड्स फॉर चंद्रयान-2 मिशन फाइनलाइज्ड
  15. दी इकॉनोमिक टाइम्स-चंद्रयान-2 टू गेट क्लोजर टू मून
  16. दी इकॉनोमिक टाइम्स-चंद्रयान-2 टू गेट क्लोजर टू मून
  17. एविएशनवीक -रशिया टू टेस्ट चंद्रयान-2 लेंडर नेक्सट ईयर (2011)
  18. आईएसआरओ-पेलोड्स फॉर चंद्रयान-2 मिशन फाइनलाइज्ड
  19. दी इकॉनोमिक टाइम्स-चंद्रयान-2 टू गेट क्लोजर टू मून
  20. आईएसआरओ-पेलोड्स फॉर चंद्रयान-2 मिशन फाइनलाइज्ड
  21. Johnson (August 31, 2010). "Three new Indian payloads for Chandrayaan 2, decides ISRO". Indian Express. http://www.indianexpress.com/news/Three-new-Indian-payloads-for-Chandrayaan-2--decides-ISRO/674662. अभिगमन तिथि: 2010-08-31. 
  22. "Payloads for Chandrayaan-2 Mission Finalised". Indian Space Research Organisation (ISRO) (ISRO). August 30, 2010. http://www.isro.gov.in/pressrelease/scripts/pressreleasein.aspx?Aug30_2010. अभिगमन तिथि: 2010-09-02. 
  23. "NASA and ESA to partner for chandrayaan-2". Skaal Times. February 04, 2010. http://www.sakaaltimes.com/SakaalTimesBeta/20100204/4693467461593115964.htm. अभिगमन तिथि: 2010-02-22. 
  24. आईएसआरओ-पेलोड्स फॉर चंद्रयान-2 मिशन फाइनलाइज्ड

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]