ग्रहण
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ग्रहण एक खगोलिय अवस्था है जिसमें कोई खगोलिय पिंड जैसे ग्रह या उपग्रह किसी प्रकाश के स्त्रोत जैसे सूर्य और दूसरे खगोलिय पिंड जैसे पृथवी के बीचा आ जाता है जिससे प्रकाश का कुछ समय के लिये अवरोध हो जाता है।
इनमें मुख्य रुप से पृथवी के साथ होने वाले ग्रहणों में निम्नलिखित उल्लेखनीय हैं:
- चंद्रग्रहण - इस ग्रहण में चाँद या चंद्रमा और सूर्य के बीच पृथवी आ जाती है। ऐसी स्थिती में चाँद पृथवी की छाया से होकर गुजरता है। ऐसा सिर्फ पूर्णिमा के दिन संभव होता है।
- सूर्यग्रहण - इस ग्रहण में चाँद सूर्य और पृथवी एक ही सीध में होते हैं और चाँद पृथवी और सूर्य के बीच होने की वजह से चाँद की छाया पृथवी पर पड़ती है। ऐसा अक्सर पूर्णिमा और अमावस्या के एक दिन बाद यानि एकादशी के दिन होता है।
- पूर्ण ग्रहण तब होता है जब खगोलिय पिंड जैसे पृथवी पर प्रकाश पूरी तरह अवरुद्ध हो जाये।
- आंशिक ग्रहण की स्थिती में प्रकाश का स्त्रोत पूरी तरह अवरुद्ध नहीं होता
[संपादित करें] यह भी देखें
[संपादित करें] वाह्य सूत्र
- A Catalogue of Eclipse Cycles
- Search 5,000 years of eclipses (notice: loads slowly)
- NASA eclipse home page
- International Astronomical Union's Working Group on Solar Eclipses
- Mark's eclipse chasing website
- Interactive eclipse maps site
- Dan McGlaun's Total Eclipse web site
- Why do Hindus believe that the mythological demons Rahu and Ketu cause solar eclipses?
- May 18, 1920 5:22-5:33 eclipse John Paul II
- Dr. Evils Escape Pod Eclipse Official Sight