गौतम बुद्ध नगर जिला

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गौतम बुद्ध नगर ज़िला
گوتم بدھ نگر
Uttar Pradesh district location map Gautam Buddha Nagar.svg

उत्तर प्रदेश में गौतम बुद्ध नगर ज़िले की अवस्थिति
राज्य उत्तर प्रदेश, Flag of India.svg भारत
मुख्यालय ग्रेटर नोएडा
क्षेत्रफल 1,442 किमी2 (557 वर्ग मील)
जनसंख्या 16,74,714 (2011)
जनसंख्या घनत्व 1,161 /किमी2 (3,010 /वर्ग मील)

गौतम बुद्ध नगर (उर्दू लिपि:گوتم بدھ نگر) भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश का एक मह्त्वपूर्ण जिला है। इस जिले की स्थापना 9 जून 1997[1] को बुलन्दशहर एवं गाजियाबाद जिलों के कुछ ग्रामीण व अर्द्धशहरी क्षेत्रों को काटकर की गयी थी। प्रदेश में सत्ता-परिवर्तन होते ही मुलायम सिंह यादव ने इस जिले को भंग कर दिया जिसके विरोध में यहाँ की जनता ने प्रबल आन्दोलन किया था। बाद में जनता के दबाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को अपना निर्णय बदलना पड़ा और जिला बहाल किया गया।

आज स्थिति यह है कि गौतम बुद्ध नगर जिला प्रदेश की राजस्व प्राप्ति में अपनी प्रमुख भूमिका निभा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली से सटे हुए इस जिले का मुख्यालय ग्रेटर नोएडा में अवस्थित है।

भौगोलिक सांख्यकी व प्रशासनिक अधिकारी[संपादित करें]

क्षेत्रफल - 1442 वर्ग कि॰ मी॰ (557 वर्गमील )

जनसंख्या - 16,74,714 (2011 जनगणना)

साक्षरता - 89.78 प्रतिशत

जनसंख्या घनत्व - 1161 व्यक्ति प्रति वर्ग कि॰मी॰ (3010 व्यक्ति प्रति वर्गमील)

जनसंख्या वृद्धि दर - 51.52 प्रतिशत (गत एक दशक में)

एस॰ टी॰ डी॰ (STD) कोड - 0120

पिन कोड - 201310

जिलाधिकारी - ए॰ वी॰ राजामौलि आई॰ए॰एस॰[2][3]

मुख्य विकास अधिकारी - राजेन्द्र प्रसाद मिश्र पी॰सी॰एस॰

इतिहास[संपादित करें]

इस जिले की स्थापना 9 जून 1997 को बुलन्दशहर एवं गाजियाबाद जिलों के कुछ ग्रामीण व अर्द्धशहरी क्षेत्रों को काटकर की गयी थी। आज इसमें नोएडा व ग्रेटर नोएडा जैसे व्यावसायिक उप महानगर शामिल हो चुके है। दादरी विधान सभा क्षेत्र भी इसी जिले का एक हिस्सा बन चुका है।[4] वह दादरी जहाँ की जनता ने 1857 के प्रथम स्वातन्त्र्य समर में काफी योगदान दिया था। दादरी में स्वतन्त्रता सेनानी राव उमराव सिंह की मूर्ति आज भी देखी जा सकती है। इससे भी पूर्व 11 सितम्बर 1803 को ब्रिटिश आर्मी व मराठों की सेना के बीच हुए निर्णायक युद्ध के स्मारक के रूप में नोएडा के गोल्फ कोर्स परिसर के अन्दर ब्रिटिश जनरल गेरार्ड लेक की स्मृति को दर्शाता अंग्रेज वास्तुविद एफ़॰ लिस्मन द्वारा बनाया हुआ "जीतगढ़ स्तम्भ" आज भी दूर से ही दिखायी देता है।

ऐतिहासिक दृष्टि से यहाँ का दनकौर, बिसरख, रामपुर जागीर व नलगढ़ा गाँव कई स्मृतियाँ संजोये हुए है। दनकौर में द्रोणाचार्य तथा बिसरख में रावण के पिता विश्वेश्रवा ऋषि का प्राचीन मन्दिर आज भी स्थित है। ग्रेटर नोएडा स्थित रामपुर जागीर गाँव में स्वतन्त्रता संग्राम के दौरान सन् 1919 में मैनपुरी षड्यन्त्र करके फरार हुए सुप्रसिद्ध क्रान्तिकारी राम प्रसाद 'बिस्मिल' भूमिगत होकर कुछ समय के लिये रहे थे और यहाँ के गूजरों के जानवर चराते हुए पुस्तकों का अनुवाद किया था।[5] नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे के किनारे स्थित नलगढ़ा गाँव में भगत सिंह ने भूमिगत रहते हुए कई बम-परीक्षण किये थे। वहाँ आज भी एक बहुत बड़ा पत्थर सुरक्षित रखा हुआ है।

महत्व[संपादित करें]

इस जिले का महत्व इसकी सीमा में आने वाली प्रमुख औद्योगिक इकाइयों तथा दिल्ली मुम्बई इण्डस्ट्रियल कॉरीडोर के कारण तो है ही, नोएडा, ग्रेटर नोएडा जैसे अत्यधिक विकासशील औद्योगिक प्राधिकरणों के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में समायोजित कर लिये जाने से और भी अधिक विस्तृत हो गया है। ग्रेटर नोएडा से आगरा तक 165 किलोमीटर लम्बे यमुना एक्सप्रेसवे ने इसकी महत्ता में चार चाँद लगा दिये हैं।

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]