गोल्डीलॉक्स

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"मेरा दलिया किसने चख़ा?"

गोल्डीलॉक्स और तीन भालू (अंग्रेज़ी: Goldilocks and the Three Bears, गोल्डीलॉक्स ऐण्ड द थ़्री बेअर्ज़) एक प्रसिद्ध अंग्रेज़ी परी कथा है। कथन के रूप में यह कहानी लम्बे अरसे से ब्रिटेन में चली आ रही थी, लेकिन लिखित रूप में इसे सबसे पहले ब्रिटिश लेखक रॉबर्ट साउदी (Robert Southey) ने गुमनाम रूप से सन् 1837 में अपने एक लेख-संग्रह में छपवाया।[1] अंग्रेज़ी भाषा की यह सब से लोकप्रिय कथाओं में से है और पश्चिमी संस्कृति में इसके तत्वों का कई सन्दर्भों में प्रयोग होता है।

कथानक[संपादित करें]

इस कहानी के मूल ढाँचे में किसी वन में तीन भालू मनुष्यों की तरह एक घर में रहते हैं। उनमें से एक भालू बहुत बड़ा है, एक भालू बहुत छोटा है और एक भालू बीच के आकार का है। वे अपने घर को बहुत स्वच्छ और साफ़ रखते हैं। एक गोल्डीलॉक्स नाम की छोटी-सी लड़की उस वन में घूमती हुई भूखी और थकी-हारी उस घर पर पहुँचती है। उस समय तीनों भालू घर पर नहीं हैं।

अन्दर आकर उसे रसोई में मेज़ के इर्दगिर्द तीन कुर्सियाँ और ताज़े-बने दलिये से भरी तीन बड़ी कटोरियाँ मिलती हैं। जब वह बैठने लगती है तो पहली कुर्सी बहुत बड़ी होती है, दूसरी बहुत छोटी होती है, लेकिन तीसरी मध्यम आकार की और उसके लिए बिलकुल ठीक होती है। जब वह दलिया खाने लगती है तो एक कटोरी का दलिया अधिक गरम होता है, दूसरी का अधिक ठंडा होता है, लेकिन तीसरे का बिलकुल ठीक तापमान का होता है। वह दलिया खा लेती है। घर में घूमती वह भालुओं के शयनकक्ष में दाख़िल होती है, जिसमें तीन बिस्तर हैं। एक बिस्तर उसके लिए बहुत बड़ा होता है, दूसरा बहुत छोटा होता है, लेकिन तीसरा बिलकुल ठीक आकार का होता है। वह उसपर सो जाती है।

इतने में तीनों भालू घर आ जाते हैं। पहले तो वह अपने मेज़ की तितर-बितर हालत देखकर हैरान होते हैं। फिर मध्य-आकार का भालू देखता है कि कोई उसका सारा दलिया खा चुका है और शोर मचाता है। फिर कमरे में आकर वे देखतें हैं कि बिस्तर सब गड़बड़ किए गए हैं। बीच का भालू गोल्डीलॉक्स को अपने बिस्तर में सोता पाता है और फिर शोर मचाता है। गोल्डीलॉक्स शोर सुनकर घबराकर उठती है, और भालुओं को देखकर एक खिड़की से बाहर कूदकर भाग जाती है।

अन्य वर्णनों में गोल्डीलॉक्स सब से छोटे भालू की कुर्सी और बिस्तर पर बैठते और लेटते हुए उन्हें तोड़ देती है, जिस से चिल्लाने वाला भालू सब से छोटा वाला होता है। कभी-कभी इन तीन भालुओं को पिता भालू (पापा बेअर), माता भालू (मामा बेअर) और बच्चा भालू (बेबी बेअर) के पात्रों में दर्शाया जाता है। कुछ रूपों में गोल्डीलॉक्स भागने की बजाए कुछ दिनों तक भालुओं का मेहमान बनकर रहती है।

संस्कृति में[संपादित करें]

इस कहानी में गोल्डीलॉक्स कई दफ़ा दो चरम की चीज़ों को आज़माने के बाद उनके बीच की चीज़ को उचित पाती है - बीच के आकार की कुर्सी, बीच के तापमान का दलिया और बीच के आकार का बिस्तर। इस तत्व की ओर पश्चिमी कलाओं, लेखों और वैज्ञानिक रचनाओं में बहुत से उल्लेख मिलते हैं और "गोल्डीलॉक्स" एक प्रकार का सूत्रवाक्य बन चुका है:

  • गोल्डीलॉक्स अर्थव्यवस्था (Goldilocks economy, गोल्डीलॉक्स इकॉनॉमी) - अर्थशास्त्र में किसी देश की ऐसी आर्थिक स्थिति को बोलते हैं जहाँ अच्छी गति की आर्थिक वृद्धि हो रही हो लेकिन इतनी भी तेज़ी से नहीं के महंगाई बढ़ जाए।[2]
  • गोल्डीलॉक्स क्षेत्र (Goldilocks zone, गोल्डीलॉक्स ज़ोन) - खगोलशास्त्र में किसी तारे से ऐसी दूरी वाले वासयोग्य क्षेत्र को बोलते हैं जो न तारे के अधिक पास होने से बहुत गरम हो और न अधिक दूर होने से बहुत ठंडा हो।[3]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Gennady Spirin. "Goldilocks and the Three Bears". Marshall Cavendish, 2009. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780761455967. http://books.google.com/books?id=q3XrGLlcF78C. "... Goldilocks and the Three Bears has appeared in many different versions based on oral tradition ... in 1837 in a collection of essays called The Doctor by Robert Southey ..." 
  2. E. Ray Canterbery. "Alan Greenspan: the oracle behind the curtain". World Scientific, 2006. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9789812566065. http://books.google.com/books?id=2X-n45AY_ZsC. "... The fable of the Goldilocks economy ..." 
  3. Brian Muirhead, Judith Reeves-Stevens, Garfield Reeves-Stevens. "Going to Mars: The Stories of the People Behind NASA's Mars Missions Past, Present, and Future". Simon and Schuster, 2004. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780671027964. http://books.google.com/books?id=_jUZe2UUCdUC. "... They say we're in 'The Goldilocks Zone'. That means Earth orbits the Sun at a distance that ..."