गुणात्मक अकार्बनिक विश्लेषण
गुणात्मक अकार्बनिक विश्लेषण (qualitative inorganic analysis) विश्लेषणात्मक रसायन की एक विधि है जो अकार्बनिक यौगिकों में उपस्थित मूलकों का पता लगाने के लिये है। इसका मुख्य ध्येय लवणों के जलीय बिलयनों में उपस्थित आयनों का पता लगाना है। इसलिये अन्य रूप में मौजूद पदार्थ को पहले जलीय विलयन के रूप में लाना जरूरी हो सकता है तभी मानक विधियाँ काम में लायी जा सकती हैं। इसके बाद उस विलयन को भिन्न-भिन्न अभिकर्मकों द्वारा क्रिया कराया जाता है जिससे रंग में परिवर्तन, ठोस अवक्षेप का निर्माण, या कोई अन्य दृष्टिगोचर परिवर्तन होता है जिससे उचित निष्कर्ष निकाला जाता है।
अनुक्रम |
[संपादित करें] अकार्बनिक लवणों के रंग रूप
| क्रमांक | लवण (Salt) | रंग |
|---|---|---|
| 1 | MnO, MnO2, FeO, CuO, Co3O4, Ni2O3; sulfides of Ag+, Cu+, Cu2+, Fe2+, Co2+, Pb2+, Hg2+ | Black |
| 2 | Hydrated Cu2+ salts | Blue |
| 3 | HgO, HgI2, Pb3O4 | Red |
| 4 | Cr3+, Cr6+, Ni2+, hydrated Fe2+ salts | Green |
| 5 | Hydrated Mn2+ salts | Light Pink |
| 6 | KO2, K2Cr2O7, Sb2S3, ferricyanides | Orange |
| 7 | Hydrated Co2+ salts | Reddish Pink |
| 8 | Chromates, AgBr, AgI, PbI2, CdS | Yellow |
| 9 | CdO, Fe2O3, PbO2, CuCrO4 | Dark brown |
[संपादित करें] आधुनिक अकार्बनिक विश्लेषण
उपरोक्त विधि शिक्षण के लिये प्रयुक्त होती है। किन्तु वर्तमान समय में परमाणु अवशोषण स्पेक्ट्रोस्कोपी या ICP-एमएस का उपयोग कर एक ही उपकरण द्वारा, रसायन की कम मात्रा का उपयोग करते हुए; जल्दी व सही परिणाम प्राप्त किया जाता है।