गिरिराज किशोर

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जन्म : 8 जुलाई, 19937, मुजफ्फररनगर शिक्षा : मास्टर ऑफ सोशल वर्क 1960, समाज विज्ञान संस्थान, आगरा अनुभव : 1960 से 1964 तक सेवायोजन अधिकारी व प्रोबेशन अधिकारी उ.प्र. सरकार

1964 से 1966 तक इलाहाबाद में स्वतन्त्र लेखन

जुलाई 1966 से 1975 तक कानपुर वि.वि में सहायक और उपकुल सचिव के पद पर सेवारत।

दिसं.1975 से 1983 तक आई.आई.टी.कानपुर में कुल सचिव।

1983 से 1997 तक वहीं पर रचनात्मक लेखन केन्द्र के अध्यक्ष। 1 जुलाई 1997 अवकाश ग्रहण। रचनात्मक लेखन केन्द्र उनके द्वारा ही स्थापित।

फैलोशिप : संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की एमेरिट्स फैलोशिप - 1998-1999। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, राष्ट्रपति निवास शिमला में फैलो - मई 1999 -2001

राष्ट्रपति द्वारा 23 मार्च 2007 में साहित्य और शिक्षा के लिए 'पद्मश्री' से विभूषित

मानद्: 2002 में छञपति शाहूजी महाराज वि.वि कानपुर द्वारा डी.लिट. की मानद् उपाधि।

साहित्य अकादमी, नई दिल्ली की कार्यकारिणी के सदस्य

हिन्दी सलाहकार समिति, रेल्वे बोर्ड के सदस्य

संप्रति: स्वतन्त्र लेखन और संपादन 'अकार'

अनुक्रम

[संपादित करें] प्रकाशित कृतियां

[संपादित करें] कहानी संग्रह

नीम के फूल, चार मोती बेआब, पेपरवेट, रिश्ता और अन्य कहानियां, शहर -दर -शहर, हम प्यार कर लें, जगत्तारनी एवं अन्य कहानियां, वल्द रोजी, यह देह किसकी है?, कहानियां पांच खण्डों में (प्रवीण प्रकाशन,महरौली),'मेरी राजनीतिक कहानियां' व हमारे मालिक सबके मालिक आत्मा राम एण्ड संस से प्रकाशित

[संपादित करें] उपन्यास

लोग, चिडियाघर, दो, इंद्र सुनें, दावेदार, तीसरी सत्ता, यथा प्रस्तावित, परिशिष्ट, असलाह, अंर्तध्वंस, ढाई घर, यातनाघर, आठ लघु उपन्यास अष्टाचक्र के नाम से दो खण्डों में आत्मा राम एण्ड संस से प्रकाशित। पहला गिरमिटिया - गाँधी जी के दक्षिण अफ्रीकी अनुभव पर आधारित महाकाव्यात्मक उपन्यास

[संपादित करें] नाटक

नरमेध, प्रजा ही रहने दो, चेहरे - चेहरे किसके चेहरे, केवल मेरा नाम लो, जुर्म आयद, काठ की तोप। बच्चों के लिए एक लघुनाटक ' मोहन का दु:ख'

[संपादित करें] लेख/निबंध

संवादसेतु, लिखने का तर्क, सरोकार, कथ-अकथ, समपर्णी, एक जनभाषा की त्रासदी, जन-जन सनसत्ता।

[संपादित करें] अन्य

दूरदर्शन, एन. डी. टी. वी., बी.बी.सी.लंदन, रोज ब्रॉडकास्टिंग स्टेशन,डरबन तथा मॉरिशस रेडियो पर साक्षात्कार। दूरदर्शन द्वारा फिल्म, ओ. एच. एम. नीदरलैण्ड द्वारा डॉक्यूमेन्टरी तैयार ।

[संपादित करें] सम्मान

  • उ.प्र.हिंदी संस्थान द्वारा चेहरे - चेहरे किसके चेहरे नाटक पर भारतेन्दु सम्मान
  • परिशिष्ट उपन्यास पर म.प्र. साहित्य कला परिषद का बीर सिंह देवजू सम्मान
  • ढाई घर उपन्यास पर साहित्य अकादमी पुरस्कार,
  • उ.प्र.हिंदी संस्थान का साहित्यभूषण
  • भारतीय भाषा परिषद का शतदल सम्मान
  • पहला गिरमिटिया उपन्यास पर के.के. बिरला फाउण्डेशन द्वारा व्यास सम्मान
  • उ.प्र.हिंदी संस्थान का महात्मा गाँधी सम्मान
  • उ.प्र.हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा हिंदी सेवा के लिए प्रो.बासुदेव सिंह स्वर्ण पदक
  • जे. एन. यू. में आयोजित सत्याग्रह शताब्दी विश्व सम्मेलन में सम्मानित।

[संपादित करें] इन्हें भी देखें

[संपादित करें] बाहरी कड़ियाँ


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