ख़ोस्त

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ख़ोस्त मस्जिद

ख़ोस्त (पश्तो: خوست, अंग्रेजी: Khost) पूर्वी अफ़्ग़ानिस्तान का एक शहर है। यह ख़ोस्त प्रान्त की राजधानी भी है, जो पाकिस्तान के सीमा के नज़दीक एक पर्वतीय इलाक़ा है। ख़ोस्त शहर की आबादी लगभग १.६ लाख है और पूरे ख़ोस्त प्रान्त की जनसँख्या क़रीब १० लाख है। यहाँ के अधिकतर निवासी पश्तो भाषी पठान हैं और सामाजिक व्यवस्था क़बीलीयाई है। अफ़ग़ानिस्तान में सोवियत युद्ध के दौरान ख़ोस्त जुलाई १९८३ से नवम्बर १९८७ तक विद्रोही फौजों द्वारा घिरा रहा था।[1]

नाम का उच्चारण[संपादित करें]

'ख़ोस्त' में 'ख़' अक्षर के उच्चारण पर ध्यान दें क्योंकि यह बिना बिन्दु वाले 'ख' से ज़रा भिन्न है। इसका उच्चारण 'ख़राब' और 'ख़रीद' के 'ख़' से मिलता है।

मौसम[संपादित करें]

ख़ोस्त का मौसम अफ़्ग़ानिस्तान के अन्य भागों से थोड़ा अलग है क्योंकि यह दक्षिण-पूर्व की तरफ़ खुला है जिस से भारतीय उपमहाद्वीप में गर्मियों में आने वाला मानसून यहाँ पर भी पानी बरसता है। इस बारिश के अलावा यहाँ का मौसम शुष्क है। यहाँ की सर्दियाँ भी ज्यादा भयंकर नहीं होतीं - पाला तो पड़ता है लेकिन बर्फ़ बहुत कम पड़ती है। सर्दियों में न्यूनतम औसत तापमान शून्य से ज़रा कम होता है।[2]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. A rope and a prayer: a kidnapping from two sides, David Rohde, Kristen Mulvihill, Penguin, 2010, ISBN 978-0-670-02223-6, ... To the delight of his Pakistani and American backers, Haqqani and his men laid siege to Soviet and Afghan forces garrisoned in the Afghan city of Khost in southeastern Afghanistan ...
  2. Patterns of distribution of amphibians: a global perspective, William Edward Duellman, JHU Press, 1999, ISBN 978-0-8018-6115-4, ... So-called 'Monsoon Afghanistan' consists of three small areas in the east (the Gumal and Kundar valleys, Khost area, and the Kabul River area) that are influenced by the Indian monsoons, as well as South Afghanistan ...