खण्डशः रैखिक फलन

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एक खण्डशः रैखिक फलन का ग्राफ
एक फलन (नीले रंग में) और उसका खण्डशः रैखिक सन्नीकटीकरण (piecewise linear approximation to it)
दो बीमीय अवकाश में खण्डशः रैखिक फलन (ऊपर) तथा उत्तल पॉलीटोप्स जिनपर यह रैखिक है (नीचे)

[


f(x)=
\begin{cases}
  k_0 x+b_0,\quad x<x_1\\
  k_1 x+b_1,\quad x_1<x<x_2\\
  \cdots\\
  k_n x+b_n,\quad x_n<x
\end{cases}

उपरोक्त खण्डशः रैखिक फलन निम्नलिखित स्थिति में सतत (continuous) होगा-

a_ix_i+b_i=a_{i+1}x_i+b_{i+1}=f(x_i) при i=1,2,\ldots,n,

'सतत खण्डशः रैखिक फलन' को 'रैखिक स्प्लाइन' भी कहते हैं।

वैकल्पिक निरूपण[संपादित करें]

यह सिद्ध कर सकते हैं कि किसी भी सतत खण्डशः रैखिक फलन को निम्न प्रकार से प्रकट कर सकते हैं-

f(x)=a x+ b + c_1|x-x_1| + c_2|x-x_2| + \ldots +c_n|x-x_n|.

उपरोक्त गुणाकों में से केवल b को छोड़कर बाकी सभी को विभिन्न खण्डों की रेखाओं के प्रवणताओं के रूप में निम्न प्रकार से व्यक्त कर सकते है:

c_i=\frac{k_i-k_{i-1}}{2}, जहाँ i=1,2,\ldots,n
a=\frac{k_0+k_n}{2}

गुण[संपादित करें]

किसी भी सतत फलन (continuous function) को खण्डशः रैखिक फलन द्वारा निरूपित किया जा सकता है। सन्निकटन में जितनी शुद्धता की आवश्यकता होगी, इस फलन के खण्ड उतने ही छोटे किये जा सकते हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]