खड़ीबोली
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खड़ी बोली (खडी बोली, खड़ीबोली,; को आज हिन्दी के रूप में जाना जाता है। खडीबोली कभी बोली के रूप में प्रचलित थी परन्तु वर्तमान में खडीबोली मानक हिन्दी भाषा के रूप में व्यवहृत होती हॅ।
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[संपादित करें] प्रारंभिक प्रभाव
खड़ी बोली का विकास सबसे पहले आज के पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुआ।
[संपादित करें] साहित्य
[संपादित करें] स्वतंत्रता पश्चात
[संपादित करें] संस्कृतनिष्ठ होने की प्रक्रिया
[संपादित करें] यह भी देखें
| हिन्दी की बोलियाँ |
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