केशिराज

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केशिराज (कन्नड: ಕೇಶಿರಾಜ) तेरहवीं शती के कन्नड वैयाकरण एवं कवि थे। उन्होने 'शब्दमणिदर्पण' नामक प्रसिद्ध कन्नड व्याकरण ग्रन्थ की रचना की थी। इस कार्य के कारण वे कन्नड व्याकरण के सबसे महान सिद्धान्तकार माने जाते हैं। वे संस्कृत के भी पण्डित थे। वे होयसला राजदरबार के प्रतिष्ठित कवि थे।