कृतिवास रामायण
मुक्त ज्ञानकोष विकिपीडिया से
चित्र:Akal-Bodhan.JPG
अकाल-बंधन : राम द्वारा शक्ति-पूजा का सर्वप्रथम चित्रण कृतिवास रामायण में ही आता है।
कृतिवास रामायण (बांग्ला : কৃত্তিবাসি রামায়ণ / कृतिबासी रामायण) या श्रीराम पाँचाली (बांग्ला : শ্রীরাম পাঁচালী), की रचना पन्द्रहवीं शती के बांग्ला कवि कृतिवास ओझा ने की थी। यह संस्कृत के अतिरिक्त अन्य उत्तर-भारतीय भाषाओं का पहला रामायण है। गोस्वामी तुलसीदास के रामचरित मानस के रचनाकाल से लगभग सौ वर्ष पूर्व कृत्तिवास रामायण का आविर्भाव हुआ था। इसके रचयिता संत कृत्तिवास बंग-भाषा के आदिकवि माने जाते हैं। वह छंद, व्याकरण, ज्योतिष धर्म और नीतिशास्त्र के प्रकाण्ड पण्डित थे। और राम-नाम में उनकी परम आस्था थी।
यह ग्रंथ मूल रामायण का शब्दानुवाद नहीं है बल्कि इसमें मध्यकालीन बंगाली समाज और संस्कृति का विविध चित्रण भी है। बंग-भाषा के इस महाकाव्य छः काण्ड (आदि काण्ड, अयोध्या काण्ड, अरण्य काण्ड, किष्किन्धा काण्ड, सुन्दर काण्ड और लंका काण्ड) हैं।