कुणाल कपूर (कपूर परिवार)

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साँचा:BLP IMDB refimprove कुणाल कपूर ब्रिटिश व भारतीय मूल के पूर्व भारतीय अभिनेता हैं। वे शशि कपूर और स्वर्गीय जेनिफर केंडल के सबसे बड़े पुत्र हैं।

पारिवारिक पृष्ठभूमि[संपादित करें]

कुणाल का जन्म उस मशहूर कपूर ख़ानदान में हुआ जो कई पीढ़ियों से फ़िल्म जगत को लोकप्रिय अभिनेता और अभिनेत्रियां देता आ रहा है। उनके दादाजी पृथ्वीराज कपूर थे। उनके पैतृक चाचा राज कपूर और शम्मी कपूर हैं। उनके छोटे भाई करन कपूर और बहन संजना कपूर ने भी कुछ फ़िल्मों में अभिनय किया किन्तु वे दोनों उनकी तरह अधिक क़ामयाब नहीं हो पाए. उनके नाना-नानी जेफ़्री केंडल और लॉरा केंडल भी अभिनेता थे, जिन्होनें अपने थियेटर समूह 'शेक्स्पियेरियेना' (Shakespeareana) के साथ भारत और एशिया का दौरा किया और शेक्सपियर और शॉ के नाटकों का प्रदर्शन किया। मर्चेंट आइवरी की फ़िल्म शेक्सपियर वाला, कुछ-कुछ उनके परिवार पर आधारित थी जिसमें उनके पिता और उनकी मौसी, अभिनेत्री फ़ेलिसिटी केंडल ने भूमिका निभाई थी।

उनकी शादी निर्देशक रमेश सिप्पी की बेटी शीना सिप्पी से हुई, उनके दो बच्चे हैं, ज़हान पृथ्वीराज कपूर और शायरा लॉरा कपूर.

करियर[संपादित करें]

अभिनेता[संपादित करें]

कुणाल ने अधिकतर अपने पिता की फ़िल्मों में काम किया। 1972 में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अंग्रेज़ी फ़िल्म सिद्धार्थ से की जिसमें उन्होंने अपने पिता द्वारा निभाए गए शीर्षक पात्र के पुत्र का किरदार निभाया था। उसके बाद वे 1978 में श्याम बेनेगल की बहुचर्चित फ़िल्म जुनून में दिखाई दिए, जिसमें उनके पिता, माता और उनके दोनों भाई-बहन भी दिखाई दिए. 1981 में वे बॉलीवुड की अपनी पहली मुख्यधारा की फ़िल्म आहिस्ता आहिस्ता में पद्मिनी कोल्हापुरे के साथ नज़र आए. फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रही किन्तु उनके करियर को अच्छी शुरुआत दिलाने में नाक़ामयाब रही. 1982 में वे एक बार फिर बहु प्रशंसित फ़िल्म विजेता में अपने पिता के साथ नज़र आए. उसके बाद वे विवादास्पद कलात्मक फिल्म उत्सव (1984), सजन तारा संभारना और त्रिकाल (1985) में नज़र आये.

निर्देशक और निर्माता[संपादित करें]

1987 में कुणाल ने अपनी ख़ुद की कंपनी, एडफ़िल्म-वालाज़, (Adfilm-Valas) शुरू की और टेलीविज़न के लिए विज्ञापनों का निर्माण और निर्देशन का काम शुरू किया। उनकी यादगार रचनाओं में से एक, उनके भाई करन द्वारा अभिनीत, बॉम्बे डाइंग की "ड्रीम लवर" ("Dream Lover") श्रृंखला थी। इसके बाद से ही उन्होंने 800 से भी ज़्यादा टेलीविज़न विज्ञापनों का निर्देशन किया है और भारत में विज्ञापन फिल्मों के बेहतर निर्देशकों में से एक माने जाते हैं।[कृपया उद्धरण जोड़ें] वह विशेष तौर पर बड़े पैमाने के प्रारूप, एक्शन, ग्लैमर और हास्य के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में, भारत में बनी अधिकांश सफल कार-विज्ञापनों का निर्माण और निर्देशन कुणाल द्वारा किया गया है।[कृपया उद्धरण जोड़ें]

एडफ़िल्म-वालाज़ (Adfilm-Valas) ने भारत में फिल्माई गई अनेक अंतर्राष्ट्रीय फ़ीचर फिल्मों और विज्ञापन फ़िल्मों का कार्यकारी-निर्माण भी किया है। इनमें उल्लेखनीय हैं: सिटी ऑफ़ जॉय (City of Joy) के श्रेय-अनुक्रम के दृश्य (credit sequence) और फ्रेंच फ़िल्में ले कैक्टस (Le Cactus) (2005) और फ़ायर इन पैराडाइज़ (Fire in Paradise) .

कुणाल कपूर अपने पिता शशि कपूर के साथ, श्री पृथ्वीराज कपूर मेमोरियल ट्रस्ट एंड रिसर्च फाउंडेशन के ट्रस्टी हैं जो जुहू, मुंबई में स्थित पृथ्वी थियेटर (जिसकी स्थापना और निर्माण शशि कपूर और उनकी पत्नी जेनिफर कपूर ने किया था) का स्वामित्व रखती है और उसका कार्यभार संभालती है। पृथ्वी थियेटर, जिसका कार्यभार अब कुणाल की छोटी बहन संजना कपूर संभालतीं हैं, का लक्ष्य पेशेवर भारतीय थियेटर को बढ़ावा देना, थियेटर के लिए नई प्रतिभाओं और दर्शकों का विकास करना और थियेटर व प्रदर्शन कलाओं के लिए एक प्रेरणादायक केंद्र बनना है।

फिल्मों की सूची (एक अभिनेता के रूप में)[संपादित करें]

  • सिद्धार्थ (1972)
  • जुनून (1978)
  • आहिस्ता आहिस्ता (1981)
  • विजेता (1982)
  • उत्सव (1984)
  • त्रिकाल (1985)
  • सजन तारा संभारना (1985)

संदर्भ[संपादित करें]

बाहरी लिंक्स[संपादित करें]