कापा वलोरम तारा

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पाल तारामंडल की एक तस्वीर जिसमें कापा वलोरम "κ" के चिह्न वाला तारा है

कापा वलोरम, जिसका बायर नाम भी यही (κ Velorum या κ Vel) है, पाल तारामंडल में स्थित एक द्वितारा है। यह पृथ्वी से दिखने वाले सबसे रोशन तारों में से एक है। पृथ्वी से देखी गई इसकी चमक (सापेक्ष कान्तिमान) +२.४७ मैग्नीट्यूड है और यह पृथ्वी से लगभग ५४० प्रकाश वर्ष की दूरी पर है।

अन्य भाषाओँ में[संपादित करें]

कापा वलोरम तारे को कभी-कभी "मरकब" (Markab) भी कहते हैं, जो अरबी के "मरकब" (مركب) से लिया गया है, जिसका अर्थ "सवार होने की चीज़" है। इत्तेफ़ाक़ से यही नाम अल्फ़ा पॅगासाई तारे के लिए भी प्रयोग होता है (जहाँ इसका अर्थ "घोड़े की जीन" होता है क्योंकि उस तारे का तारामंडल एक काल्पनिक घोड़ेनुमा जीव की आकृति से दर्शाया जाता है)। असमंजस कम करने के लिए कापा वलोरम के अंग्रेज़ी नाम को कभी-कभार एक अक्षर बदलकर "Markeb" लिख दिया जाता है, हालाँकि इसका उच्चारण फिर भी "मरकब" ही है।

विवरण[संपादित करें]

कापा वलोरम द्वितारे का मुख्य तारा एक B2 IV-V श्रेणी का नीला-सफ़ेद उपदानव तारा है। यह और इसका साथी तारा एक-दूसरे की एक परिक्रमा लगभग हर ११६ दिनों में पूरी कर लेते है।[1] अगर मंगल ग्रह के दक्षिणी ध्रुव पर खड़े होकर ऊपर देखा जाए तो यह तारा लगभग सर के ऊपर स्थित प्रतीत होगा, इसलिए इसे मंगल का दक्षिणी ध्रुव तारा भी कहा जाता है। अयन गति की वजह से क़रीब सन् ९००० ईसवी में यह पृथ्वी के दक्षिणी ध्रुव के लगभग ऊपर स्थित होगा।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]