डा० जगदीश व्योम द्वारा सम्पादित कहानी संकलन कहानियों का कुनबा में हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध १६ कहानीकारों की कहानियों को संकलित किया गया है। ये कहानियाँ समाज में परिव्याप्त तमाम सामाजिक, राजनैतिक विद्रूपताओं का जीवंत चित्र प्रस्तुत करती हैं। इसमें सम्मिलित कहानीकारों में- अशोक मिश्र की कहानी "खबरें", कमलेश भट्ट कमल की कहानी "कोई नहीं", डा० संतोष श्रीवास्तव की कहानी "खिलाफ", शंकर सुल्तानपुरी की कहानी "अनबिकी कलम", दिनेश पाठक शशि की कहानी "पहल", डा० सरला अग्रवाल की कहानी "वट वृक्ष", अलका यादव की कहानी "संन्यासिनी का धर्म", डा० प्रमिला वर्मा की कहानी "लिटिल ईज", जगदीश मोहन रावत की कहानी "मंगला चाची", डा० साधना शुक्ला की कहानी "लाइसेन्स", श्रीमती शशि पाठक की कहानी "अंधेरे के बाद", डा० लेखराज की कहानी "करमजली", मालती बसंत की कहानी "ममता", डा० उर्मिला शिरीष की कहानी "रंगमंच", डा० जगदीश व्योम की कहानी "तीसरा हाथ", जया नर्गिस की कहानी "नाग" अपने-अपने क्षेत्र की प्रसिद्ध तथा बहुचर्चित कहानियाँ हैं।