कसवां

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

कसवां भारत के हरियाणा और राजस्थान राज्य में पायी जाने वाली जाट गोत्र है।

कसवां गोत्र का इतिहास[संपादित करें]

इतिहासकार ठाकुर देशराज लिखते हैं कि आरम्भ में यह सिन्ध में राज्य करते थे। चौथी सदी से पहले जांगल-प्रदेश में इन्होंने राज्य किया जिसके अधिकारक्षेत्र में लगभग चार सौ गांव थे। राठौरों से जिस समय युद्ध हुआ, उसय समय कंवरपाल नामी सरदार इनका राजा था। इस वंश के लोग धैर्य के साथ लड़ने में बहुत प्रसिद्ध थे। कहा जाता है दो हजार ऊंट और पांच सौ सवार इनके प्रतिक्षण शत्रु से मुकाबला करने के लिए तैयार रहते थे। यह कुल सेना राजधानी में तैयार न रहती थी। वे उत्तम कृषिकार और श्रेष्ठ सैनिक समझे जाते थे। राज्य उनका भरा-पूरा था। प्रजा पर कोई अत्याचार न था। सत्रहवीं शताब्दी में इनका भी राज राठौंरों द्वारा अपहरण कर लिया गया। इनके पड़ौस में चाहर भी रहते थे। राजा का चुनाव होता था, ऐसा कहा जाता है। चाहरों की ओर से एक बार मालदेव नाम के उपराजा का भी चुनाव हुआ था।[1][2]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. ठाकुर देशराज: जाट इतिहास, महाराजा सुरज मल स्मारक शिक्षा संस्थान, दिल्ली, 1934, 2nd संस्करण 1992. पृष्ठ-202
  2. जाट समाज मासिक पत्रिका, आगरा, मई (2006) पृष्ठ-7