कभी हाँ कभी ना (1993 फ़िल्म)

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कभी हाँ कभी ना
चित्र:कभी हाँ कभी ना.jpg
कभी हाँ कभी ना का पोस्टर
निर्देशक कुंदन शाह
अभिनेता शाहरुख़ ख़ान,
दीपक तिजोरी,
रीटा भादुड़ी,
सतीश शाह,
अंजान श्रीवास्तव,
गोगा कपूर,
टीकू तलसानिया,
रवि बासवानी,
नसीरुद्दीन शाह,
जूही चावला,
कुरुष देबू,
आदित्य लखिया,
प्रदर्शन तिथि(याँ) 1993
देश भारत
भाषा हिन्दी

कभी हाँ कभी ना 1993 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है।

संक्षेप[संपादित करें]

जैसा की फिल्म का नाम है कभी हां कभी ना जो फिल्म के नायक शाहरुख़ खान के चरित्र जैसा सोचने पे मजबूर करता है जिसे शाहरुख़ खान ने बखूबी निभाया है और एक लापरवाह लड़के में सच्चे आशिक का चरित्र फिल्म में दिखाया गया है.

चरित्र[संपादित करें]

फिल्म का नायक सुनील जो बचपन से अपनी दोस्त आना से बहुत प्यार करता है पर आना उसे सिर्फ सच्चा दोस्त समझती है हलाकि सुनील अपने प्यार का इज़हार कर चुका है पर आना को लगता है सुनील कभी गंभीर नहीं हो सकता क्योकि वो एक जिंदादिल से जीने वाला इंसान है उसे संगीत बहुत पसंद है और वह अपने दोस्तों के साथ एक बैंड में काम करता है उसके बाकी सभी दोस्त भी जानते है सुनील झूठा और लापरवाह इंसान है फिर भी उससे सभी प्यार करते है सुनील को जब लगता है आना और क्रिस एक दुसरे के करीब आ रहे है तो वो दोनों तरफ से झूठी अफवाह फैलाता है ताकि दोनों के बिच ग़लतफ़हमी हो और आना सिर्फ सुनील से प्यार करे हालाकि सुनील कोई गलत काम नहीं करना चाहता पर शायद यही पर उससे एक बड़ी भूल हो जाती है वो क्रिस को आना के बारे में ऐसी बात बोल जाता है जो उसे नहीं बोलनी चाहिए थी पर क्रिस को ये पता चल जाता है की सुनील झूठ बोल रहा था और आना को भी ये बात बता देता है आना सुनील से नाराज हो जाती है यहाँ तक की बैंड के सारे दोस्त भी,, सुनील सबको मनाने की कोशिश करता है पर नाकामी हाथ लगती है सुनील की दोस्ती तब फिर से शुरू होती है जब सुनील अपने दोस्तों को होटल में अपने बैंड में दोस्तों को खतरे में देखता है सुनील जो कई सालो से पेपर में फेल होता था जब वो इस साल भी फेल होता है तब कहानी में मोड़ आती है और तब आना को भी एहसास होता है सुनील उसे बेहद प्यार करता है इधर क्रिस की शादी की बात किसी और से चल रही होती है तो आना जज्बाती होकर सुनील से शादी करने जाती है पर सुनील तो अपना जिन्दादिली इंसान है भाई और अंत में वो ही करता है जो आना चाहती है पर सुनील अन्दर से कितना दुखी है और किस तरह से दुखी होता है और उसके जज्बात को जानने के लिए आपको सुनील की तरफ होकर फिल्म देखना पड़ेगा, तभी शायद सुनील अपने आने वाले फिल्मो में जूही चावला के साथ काम करता है और अपने प्यार को हासिल करता है

मुख्य कलाकार[संपादित करें]

दल[संपादित करें]

संगीत[संपादित करें]

फिल्म का संगीत बहुत ही माधुर्य है और नायक सुनील के जज्बातों के लिए जतिन ललित की जोड़ी ने बहुत अच्छी तरह से धुन बनाई है

१ ऐ काश के हम होश में अब कुमार सानु २. आना मेरे प्यार को कुमार सानु, अल्का याज्ञनिक ३.सच्ची ये कहानी है उदित नारायण अमित कुमार विजेता पंडित

रोचक तथ्य[संपादित करें]

परिणाम[संपादित करें]

बौक्स ऑफिस[संपादित करें]

बॉक्स ऑफिस पे फिल्म बुरी तरह पिटी थी परा फिल्म का कारोबार ठीक था

समीक्षाएँ[संपादित करें]

नामांकन और पुरस्कार[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]