कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
(कन्हैयालाल मुंशी से अनुप्रेषित)
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
कन्हैयालाल मुंशी

कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी ( २९ दिसंबर, १८८७ - ८ फरवरी, १९७१) भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, राजनेता, गुजराती एवं हिन्दी के ख्यातिनाम साहित्यकार तथा शिक्षाविद थे। उन्होने भारतीय विद्या भवन की स्थापना की।

परिचय[संपादित करें]

कन्हैयालाल मुंशी का जन्म भड़ौच, गुजरात के उच्च सुशिक्षित भागर्व ब्राह्मण परिवार में हुआ था। एक प्रतिभावान विद्यार्थी के तौर पर मुंशी ने कानून की पढ़ाई की। विधि स्नातक के पश्चात उन्होंने मुंबई में वकालत की। एक पत्रकार के रूप में भी वे सफल रहे। गांधी जी के साथ १९१५ में यंग इंडिया के सह-संपादक बने। कई अन्य मासिक पत्रिकाओं का संपादन किया। उन्होंने गुजराती साहित्य परिषद में प्रमुख स्थान पाया और अपने कुछ मित्रों के साथ १९३८ के अंत में भारतीय विद्या भवन की स्थापना की।[1] वे हिन्दी में ऐतिहासिक और पौराणिक उपन्यास व कहानी लेखक के रूप में तो प्रसिद्ध हैं ही, उन्होंने प्रेमचंद के साथ हंस का संपादन दायित्व भी संभाला। १९५२ से १९५७ तक वे उत्तर प्रदेश के राज्यपाल रहे। वकील, मंत्री, कुलपति और राज्यपाल जैसे प्रमुख पदों पर कार्य करते हुए भी उन्होंने ५० से अधिक पुस्तकें लिखीं। इनमें उपन्यास, कहानी, नाटक, इतिहास, ललित कलाएँ आदि विषय शामिल हैं। १९५६ में उन्होंने अखिल भारतीय साहित्य सम्मेलन की अध्यक्षता भी की।

संदर्भ[संपादित करें]

  1. "Kulapati K.M. Munshi" (अंग्रेज़ी में) (एचटीएमएल). लाइव इंडिया.कॉम. http://www.liveindia.com/freedomfighters/15.html. अभिगमन तिथि: 2008. 

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]