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ऑ की ध्वनि सुनिए
औ की ध्वनि सुनिए - यह ऑ से ज़रा भिन्न है
ओ की ध्वनि सुनिए - यह ऑ से काफ़ी भिन्न है

देवनागरी लिपि का एक वर्ण है। अन्तर्राष्ट्रीय ध्वन्यात्मक वर्णमाला (अ॰ध॰व॰) में इसके उच्चारण को ɒ के चिन्ह से लिखा जाता है। इसका प्रयोग अक्सर अंग्रेज़ी के शब्दों को लिखने के लिए किया जाता है, मसलन "फॉर" (for), "नॉट" (not) और "बॉल" (ball)। इसकी ध्वनि आधुनिक मानक हिंदी के तत्सम, तद्भव और देशज शब्दों में नहीं पाई जाती हालांकि कुछ पश्चिमी हिन्दी उपभाषाओं में इसका प्रयोग मिलता है, उदाहरणतः खड़ीबोली और हरयाणवी वाले कुछ क्षेत्रों में "सोना" को "सॉना" उच्चारित किया जाता है।

विवृत वर्तुल पश्चस्वर[संपादित करें]

'ऑ' को भाषाविज्ञान के नज़रिए से "विवृत वर्तुल पश्चस्वर" कहा जाता है। अंग्रेजी में इसे "ओपन बैक राउंडिड वावल" (open back rounded vowel) कहते हैं।

उच्चारण[संपादित करें]

'ऑ' का स्वर उच्चारण में 'आ', 'औ' और 'ओ' तीनों से भिन्न है, हालांकि यह इन सब में 'औ' के सब से समीप है:

देवनागरी स्वर अधव उच्चारण हिन्दी उदाहरण अंग्रेज़ी उदाहरण भाषावैज्ञानिक नाम
ɑ बात [bɑt̪] hard हार्ड [hɑːrd] विवृत प्रसृत अग्रस्वर (open back unrounded vowel)
ɒ सॉना [sɒnɑː] not नॉट [nɒt] विवृत वर्तुल पश्चस्वर (open back rounded vowel)
ɔ कौन [kɔn] dog डौग [dɔg] अर्धविवृत वर्तुल पश्चस्वर (open-mid back rounded vowel)
o बोल [bol] bone बोन [bon] अर्धसंवृत वर्तुल पश्चस्वर (close-mid back rounded vowel)
१. अन्तर्राष्ट्रीय ध्वन्यात्मक वर्णमाला में 'ː' का चिह्न किसी स्वर को दीर्घ खींचता है लेकिन इस से स्वर कि ध्वनि की प्रकृति में कोई अंतर नहीं होता।
२. हिंदी में यह स्वर केवल कुछ पश्चिमी हिंदी उपभाषाओं में ही देखा जाता है। 'सॉना' का उच्चारण अंग्रेज़ी के 'sauna' शब्द से मिलता जुलता है और यह वही शब्द है जिसे मानक हिंदी में 'सोना' (धातु) कहा जाता है।
३. पूर्वी हिंदी उपभाषाओं में 'औ' का उच्चारण मानक हिंदी से अलग होता है। इनमें इसे 'अउ' की ध्वनि से मिलते हुए संयुक्त स्वर (डिप्थॉंग) का उच्चारण दिया जाता है। मिसाल के लिए बिहारी उपभाषाओं में अक्सर 'औरत' को 'अउरत' की तरह उच्चारित किया जाता है।[1][2]

ग़लत उच्चारण[संपादित करें]

हिन्दीभाषी अक्सर 'ऑ' को 'औ' उच्चारित करते हैं। क्योंकि यह दोनों स्वर काफ़ी समीप हैं और अंग्रेज़ी में 'औ' का स्वर कम मिलता है इसलिए इस से ज़्यादा असमंजस पैदा नहीं होता। फिर भी कुछ शब्द ऐसे हैं जहाँ ग़लत उच्चारण से समझने में कठिनाइयाँ उत्पन्न हो सकती हैं। उदाहरण के लिए:

  • कौट (caught) का अर्थ 'पकड़ लिया' है
  • कॉट (cot) का अर्थ 'एक छोटा बिस्तर' है

मानक अमेरिकी और ब्रिटिश अंग्रेज़ी उच्चारण में इन्हें एक जैसा उच्चारित करना ग़लत समझा जाता है, हालांकि कुछ अन्य अंग्रेज़ी भाषाओँ (जैसी की कनाडा में बोली जाती है) में 'औ' को 'ऑ' की तरह उच्चारित किया जाने लगा है। इन उपभाषाओं के बोलने वालों के लिए 'औ' और 'ऑ' में सहस्वानिकी है और वे इन दोनों स्वरों का अंतर नहीं बता पाते।[3]

हिन्दी और मराठी में अंतर[संपादित करें]

'ऑ' और 'औ' के प्रयोग हिन्दी और मराठी में भिन्न होते है। मराठी में (पूर्वी हिंदी की तरह) 'औ' का उच्चारण 'अउ' से मिलता संयुक्त स्वर (डिप्थॉंग) होता है।[4] उदाहरण के लिए मराठी में 'घर और बाहर' को 'घर अउर बाहर' पढ़ा जाता है। ठीक ऐसा ही पूर्वी हिन्दी क्षेत्रों में होता है।[1][2] मराठी में 'ऑ' का प्रयोग अंग्रेज़ी से लिए गए दोनों 'डॉक्टर' और 'डौग' जैसे शब्दों के लिए होता है।

हिंदी और फ़ारसी में अंतर[संपादित करें]

हिंदी और फ़ारसी में बहुत से सामान्य शब्दों का हिंदी में 'आ' के स्वर के साथ और फ़ारसी में 'ऑ' के स्वर के साथ उच्चारण किया जाता है:[5]

  • नाम (نام) - फ़ारसी: नॉम
  • जान (جان, जीवन) - फ़ारसी: जॉन
  • हैरान (حیران, अचम्भित) - फ़ारसी: हइरॉन

इन्हें भी देखिये[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Michael C. Shapiro. "A Primer of modern standard Hindi: Language and Linguistics Series". Motilal Banarsidass Publ., 1989. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9788120805088. http://books.google.com/books?id=vvuP8sD1wloC. 
  2. Colin P. Masica. "The Indo-Aryan Languages". Cambridge University Press, 1993. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780521299442. http://books.google.com/books?id=J3RSHWePhXwC. "... The symmetrical ten-vowel system of Hindi and Punjabi (/i, I, e, æ; a, ə; u, U, o, ɔ/ - often represented as /ï, i, e, ai; ā, a; ū, u, o, au/) is considered the normative NIA system ... The diphthongs ai, au coventionally counted as part of the Sanskrit inventory of "vowels" (though not of NIA inventories, being properly relegated to the category of diphthongs), are monophthongized to æ, ɔ in these languages, although in eastern (i.e. Bihari) pronunciations of common Hindi (and in some acrolectal pronunciations of tatsamas) a diphthongal element is retained ..." 
  3. Walt Wolfram. "American voices: how dialects differ from coast to coast". Wiley-Blackwell, 2006. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9781405121095. http://books.google.com/books?id=tYahfvYV3pUC. "... The cot/caught merger, however, seems not to attract any such stigmatization. In fact, people are largely unaware of it. Nevertheless, it does occasionally lead to misunderstandings ..." 
  4. Rajeshwari Pandharipande. "Marathi: Descriptive grammars series". Psychology Press, 1997. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780415003193. http://books.google.com/books?id=JntxV7MO7cIC. 
  5. Azam Bastanfard, Maryam Fazel, Alireza Abdi Kelishami, Mohammad Aghaahmadi. "The Persian linguistic based audio-visual data corpus, AVA II, considering coarticulation". Springer, 2010. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9783642113000. http://books.google.com/books?id=Uz5JSU9anuYC&pg=PA287.