एक्रक्स तारा

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
एक्रक्स

एक्रक्स, जिसका बायर नाम "अल्फ़ा क्रूसिस" (α Crucis या α Cru) है, त्रिशंकु तारामंडल का सब से रोशन तारा है। यह पृथ्वी से दिखने वाले सब से रोशन तारों में गिना जाता है। यह पृथ्वी से लगभग 321 प्रकाश वर्ष की दूरी पर हैं। एक्रक्स वास्तव में एक बहु तारा है जो पृथ्वी से एक तारे जैसा प्रतीत होता है।[1]

विवरण[संपादित करें]

एक्रक्स मंडल के मुख्य तारे इस प्रकार हैं -

  • α1 क्रूसिस - यह B श्रेणी का बहुत गरम तारा है और इसका सतही तापमान 28,000 कैल्विन है। इसकी चमक (निरपेक्ष कान्तिमान) सूरज की चमक से 25,000 गुना है। वास्तव में यह एक द्वितारा है, जिसके एक तारे का द्रव्यमान सूरज के द्रव्यमान का 14 गुना है और दूसरे का 10 गुना है। वैज्ञानिकों का मानना है के बड़े वाले तारे की आयु पूरी होने पर वह महानोवा (सुपरनोवा) बन कर फट जाएगा जबकि छोटा वाला सफ़ेद बौना बन जाएगा।
  • α2 क्रूसिस - यह भी एक B श्रेणी का बहुत गरम तारा है और इसका सतही तापमान 26,000 कैल्विन है। इसकी चमक सूरज की चमक से 16,000 गुना है। इसके बारे में भी वैज्ञानिकों का अनुमान है के अपनी आयु पूरी होने पर यह महानोवा बन कर फट जाएगा।
  • α3 क्रूसिस - यह एक B4 श्रेणी का उपदानव तारा है। इसकी स्थिति को लेकर वैज्ञानिक असमंजस में हैं - या तो यह अपनी श्रेणी के हिसाब से धुंधला तारा है जो वास्तव में ही α1 और α2 तारों के पास है या फिर यह सिर्फ़ इनके पास लगने वाला दोहरा तारा है जो असल में पृथ्वी से 640 प्रकाश वर्ष की दूरी पर है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]