एंड्रॉइड (प्रचालन तंत्र)

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यह लेख ऍन्ड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम से संबंधित है, दूसरे अर्थ के लिए ऍन्ड्रॉइड (रोबोट) देखें।

ऍण्ड्रॉइड
Android robot.svg
Android 4.4 with stock launcher.png
Android 4.4 KitKat home screen
कंपनी / विकासकर्ता गूगल, ओपन हैण्डसेट एलायंस
कार्य स्थिति वर्तमान
स्रोत निदर्श मुक्त स्रोत सॉफ्टवेयर
आरंभिक रिलीज सितम्बर 23, 2008 (2008-09-23)
नवीनतम स्थिर रिलीज

ऍण्ड्रॉइड 4.1.2 (जेल्ली बीन)

/ 9 अक्टूबर 2012; 22 महीने पहले (2012-10-09)
समर्थित प्लेटफार्म एआरएम, एमआइपीएस, पावर आर्किटेक्चर, एक्स८६
कर्नेल प्रकार मोनोलिथिक (लिनक्स)
लाइसेंस अपाचे लाइसेंस २.० तथा जीएनयू पब्लिक लाइसेंसवी२[1]
जालस्थल android.com

ऍण्ड्रॉइड लिनक्स पर आधारित एक प्रचालन तंत्र जो मुख्यतः मोबाइल फोन और टैबलेट कंप्यूटर जैसे टचस्क्रीन उपकरणों के लिए बनाया गया है। प्रारंभ में ऍण्ड्रॉइड इंक॰ द्वारा विकसित और बाद में गूगल द्वारा आर्थिक रूप से समर्थित और 2005 में खरीदे गए[2] ऍण्ड्रॉइड का अनावरण 2007 में ओपन हैंडसेट एलायंस की संस्थापना के साथ किया गया। सबसे पहला ऍण्ड्रॉइड संचालित फोन अक्टूबर 2008 में बेचा गया।[3]

विवरण[संपादित करें]

अ ंतराफलक[संपादित करें]

एंड्रॉयड का यूज़र इंटरफेस स्पर्श पर आधारित है और स्वाईपिंग, टैपिंग, पिंचिंग जैसी क्रियाओं की मदद से उपयोगकर्ता स्क्रीन पर वस्तुओं का नियंत्रण कर सकता है। उपयोगकर्ता के हर कर्म पर उसे तुरंत प्रतिक्रिया मिलती है, जो की उसके अनुभव और सहज बनाती है। एंड्रॉयड उपकरण शुरूआती तौर पर एक होमस्क्रीन में बूट होते हैं, जो की उपकरण का प्राथमिक नौसंचालन और सूचना केंद्र होता है। एंड्रॉयड के होमस्क्रीन आमतौर पर अनुप्रयोग चिन्हों और विड्जेट से भरे होते हैं।

अ नुप्रयोग[संपादित करें]

एंड्रॉयड पर प्ले स्टोर

एंड्रॉयड पर चलने वाले अनुप्रयोग दिन भर दिन बढ़ते जा रहे हैं। इन्हें गूगल प्ले या अमेज़न ऍप्पस्टोर के माध्यम से, या किसी तीसरी साइट से ऐपीके (APK) फाइल डाउनलोड करके प्राप्त किया जा सकता है। एप्लीकेशन एंड्रायड सॉफ्टवेयर विकास किट (एसडीके) की मदद से जावा प्रोग्रामिंग भाषा में विकसित किये जाते हैं।

विकास[संपादित करें]

शुभंकर[संपादित करें]

एंड्रॉयड की पहचान बन चूका हरे रंग का ऍण्ड्रॉइड लोगो की रचना ग्राफ़िक डिज़ाइनर इरीना ब्लोक द्वारा 2007 में गूगल के किया गया था। क्यूंकि एंड्रॉयड और उसका लोगो मुक्त स्रोत लाइसेंस के अंतर्गत आता है, उसके मूल हरे लोगो की अनगिनत विभिन्न रूपों में पुनर्व्याख्या की जा चुकी है।

अ द्यतन समय-सारणी[संपादित करें]

गूगल हर छह से नौ महीनो में एंड्रॉयड के लिए महत्वपूर्ण अद्यतन (या अपडेट) प्रदान करता है, जो की वृद्धिशील होते हैं और जिसे ज़्यादातर उपकरण ओवर-द-एयर प्राप्त करने में सक्षम होते हैं।[4]एंड्रॉयड का सबसे नवीनतम प्रमुख अद्यतन एंड्रॉयड 4.4 किटकैट है। इसे ड्रॉइडफ्लेयर के द्वारा भी अपने पुराने ऍण्ड्रॉइड को नए संस्करण मे बदला जा सकता है। अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी मोबाइल प्रचालन तन्त्र, अर्थात् आईओएस की तुलना में ऍण्ड्रॉइड के अपडेट आमतौर पर वास्तविक उपकरणों तक धीमी गति से पहुँचते हैं।

एन्ड्राइड जैसे ओपेन प्लेट्फ़ार्म कीरचना ओपेन हैण्ड एलाइन्स नामक संगठन द्वारा की गई गूगल यद्यपि इसका सर्वेसर्वा है,फ़िर भी कुल ८४ संगठन इसके सदस्य हैं और इन सबने एन्ड्राइड प्लेट्फ़ार्म को विकसित करने में अपना विशेष योगदान किया है।इनमें से ३४ सदस्य विभिन्न मोबाइल आपरेटर कम्पनियाँ, सेमी कण्डक्टर कम्पनियाँ-जैसे एन वीडिय़ा कुआलकम आदि, कुछ हैण्ड्सेट निर्माता कम्पनियाँ-

जैसे सैम्संग, एच ० टी० सी०, सोनी, एल० जी०, मोटोरोला आदि और कई साफ़्ट्वेयर कम्पनियाँ आदि। अधिकांशतः इलेक्ट्रानिक, तथा दूर-संचार के क्षेत्र से जुड़ी कम्पनियों के संयुक्त प्रयास से एन्ड्राइड प्लेट्फ़ार्म दिन पर दिन निखर कर सामने आ रहा है। इसके तीव्र विकास में इन कम्पनियों के बीच हुए करार का भी विशेष योगदान है --

कि वे हमेशा इस समुदाय का सहयोग करेंगी और एन्ड्राइड प्लेट्फ़ार्म से सामंजस्य रखने वाले उपकरणों का उत्पादन ही करेंगी।इसने न केवल इस प्लेट्फ़ार्म के विकास को बल मिला बल्कि इस प्लेट्फ़ार्म से संबधित जो भी खोज की गई उसके प्रमुख घट्कों /तत्वों को मुख्य धारा को प्रयोग हेतु उपलब्ध कराया जाता रहा।

एण्ड्राइड इनकार्पोरेशन की स्थापना[संपादित करें]

अक्टूबर २००३ में संयुक्त राज्य अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया राज्य के पालो आल्टो नामक नगर में एंडी रूबीन (संस्थापक डेन्जर),रिच माइनर (संस्थापक वाइल्ड फायर कम्युनिकेसन), निक सियर्स तथा क्रिस ह्वाइट (डिजान तथा इन्टरफेस बिकास प्रमुख) एण्ड्राइड इनकार्पोरेशन की स्थापना की। एण्डी रूबीन के शब्दों में उनका उद्देश्य था --

ऐसा चतुर मोबाइल उपकरण जो अपने प्रयोगकर्ता की प्राथ्मिकताओं को तथा उसके ठिकानों को पहचाने।

बाद मे, १७अगस्त २००५ को गूगल द्वारा इस का अधिग्रहण कर इसे गूगल के अधीन कम्पनी के रूप में रखा गया और मूल कम्पनी ”एण्ड्राइड इनकार्पोरेशन" के एंडी रूबीन, रिच माइनर, तथा क्रिस ह्वाइट यहाँ कम्पनी के कर्म्चारियों के रूप में काम करते रहे।

गूगल द्वारा बाजार में आने के बारे में सोचने के बाद रूबीन के नेतृत्व में लाइनक्स कर्नेल पर आधारित मोबाइल उपकरण प्लेटफार्म को विक्सित किया गया गूगल ने इस प्लेटफार्म की मार्केटिग इस वादे के साथ की, कि हैण्ड सेट निर्माताओ तथा संचार कंपनियों के बीच इस प्लेट फ़ार्म को लचीला (फ्लेक्सिबल) रखेगा और अपग्रेड करने की सुविधा उपलब्ध करता रहेगा |

वर्ष २००८ में इसका प्रथम सन्स्करण निकाला गया | तब से अबतक कई बार इन संस्करणों को उन्नत (अपग्रेड) किया गया और हर बार इनका नामकरण किसी न किसी खाद्य केक पेस्ट्री के नाम पर किया गया - कपकेक, डोनट एक्लेयर, जिंजरब्रेड, आइसक्रीम सैंडविच, हनीकाम, जेलीबीन आदि नामो से किया गया |

२००८ के कप केक संस्करण की विशेषता थी स्क्रीन को घुमाने की सुविधा, स्क्रीन पर कुंजीपटल तथा टेक्स्ट का अनुँमान लगाने की सुविधा |इसके बाद डोनट, फ्रोयो एक्लेयर आदि संस्करणों में और अधिक सुविधाए प्रदान की गयी इनमे से सबसे महत्वपूर्ण विशेषता थी लेख (टेक्स्ट) को आवाज में बदलने के सुविधा .क्लाउड से मोबाइल या टैबलेट में डाऊनलोड की सुविधा बही मेमोरी कार्ड पर अनुप्रयोगों को डाऊनलोड कर इस्तेमाल की सुविधा (फ्रोयो) |

इसके बाद हनीकाम टेबलेट पर प्रयोग के लिये विकसित किया गया और इसमे पाई गयी कमियों को अगले संस्करण आइसक्रीम सैंडविच में दूर किया गया | नवीनतम संस्करण जेली बीन के द्वारा यू .एस .बी .आडियो आउट पुट की सुविधा प्रदान की गयी |

संरचना[संपादित करें]

एण्ड्रौइड साफ्टवेयर के पांच भाग या अवयव है जिसके आधार पर पूरा एण्ड्रायिड प्लेट फार्म कार्य करता है | ये किसी अन्य कंप्यूटर आपरेटिंग सिस्टम के अनुरूप ही कई ढीली ढाली साफ्टवेयर पर्तो या के बण्डल है जो आवश्यकतानुसार अन्य पर्तो के साथ जुड कर प्रक्रिया में भाग लेते है | वस्तुतः मोबाईल जैसे सीमित मेमोरी (स्मृति क्षमता) वाले उपकरणों सर्वोपयुक्त उपयोग करने के लिए इसे विकसित किया गया है |

कर्नेल[संपादित करें]

लाइनक्स कर्नेल के उपयोग के कारण यह और अधिक ताकतवर बन कर उभरा है और प्रायः किसी भी अन्य उपकरण पर चलाया जा सकता है जावा वर्चुअल मशीन के अनुरूप इस प्रणाली में डैल्विक वर्चुअल मशीन की परत के कारण बिना किसी चिंता या कठिनाई के किसी भी मोबाइल या टेबलेट पर कोइ भी 'एप" अर्थात अनुप्रयोग (एप्लीकेशन) चलाया जा सकता है इसी कारण से कोई भी उपकरण जसे घड़ी रेफ्रिजरेटर या कर में चलाया जा सकता है |

एन्ड्राइड लाइनेक्स कर्नेल पर आधारित प्रणाली है जो मोबाइल हार्ड्वेयर से सीधे जुडकर ड्राइवर को नियमित रूप से मेमोरी पावर, नेटवर्क तथा विभिन्न अन्य अनुप्रयोगों से जुड़कर विभिन्न प्रकार की प्रक्रियाओं को अंजाम देता हैं।वह पर्त या सतह है जिस पर डैलविक वर्चुअल मशीन तथा कोर लाइब्रेरियाँ चलती हैं और सम्पूर्ण प्लेट्फ़ार्म को नियमित और नियन्त्रित करने में सहायता करती है। कर्नेल ओपेन सोर्स होने के कारण हैकरों तथा कम्प्यूटर प्रोग्रामों में रूचि रखने वालों को अपने प्रोग्राम बनाने में बढ़ावा देता है।इसी कारण कई बार इस तरह के उदाहरण सामने आते हैंकि जिन मूबाइल उपकरणों मे वैध एन्ड्राइड बन्डल नहीं हैं, उन पर भी इन्हे चलाया जा रहा है।

कर्नेल (कम्प्यूटर)[संपादित करें]

कम्प्यूट्र परिचालन तन्त्र (आपरेटिंग सिस्टम) का मुख्य भाग है कर्नेल इसके द्वारा हार्ड्वेयर के स्तर पर की जाने वाली वास्तविक डाटा प्रोसेसिंग तथा अनुप्रयोग अर्थात अप्लीकेशन के बीच सेतु का कार्य करता है इसका मुख्य कार्य साफ़्ट्वेयर तथा हार्डवेयर के बीच संचार स्थापित कर सिस्टम के सभी स्रोतों का आवश्यकतानुसार प्रयोग करना जिससे आवश्यक प्रक्रिया का पालन कर कार्य सुचारु रूप से किया जा सके।कर्नेल के द्वारा अनुप्रयोग साफ़्टवेयर द्वारा किये जाने वाले कार्यों को आवरण प्रदान किया जाता है, (विशेष रूप से इनपुट आउट्पुट उपकरण को)।

विभिन्न आपरेटिंग सिस्टमोंमे डिजाइन (अभिकल्प) तथा आवश्यकातानुसार कार्य सम्पादन विभिन्न प्रकार के कर्नेल द्वारा किया जाता है। किन्तु मोनोलिथ कर्नेल (एण्ड्राइड में प्रयुक्त हिए वाला) मे आपरेटिंग सिस्टम कोड एक ही स्थान पर (एड्रेस स्पेस) परकार्य करते हैं जिससे कम स्थान होने पर भी अधिक कार्य किया जा पाता है।

डैल्विक[संपादित करें]

ऍण्ड्रॉइड अनुप्रयोग को चलाने के लिये सबसे महत्वपूर्ण अवयव या अंग डैलविक है। जो लोग कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग की भाषा जावा के वर्चुअल मशीन से परिचित हैं वे समझ सकते हैं कि यह भी जावा वर्चुअल मशीन का लघु रूप है। इसको इस प्रकार समझा जा सकता है कि पहले जावा कोड में लिखे प्रोग्राम को बाइट कोड में बदला जाता है और फ़िर उसे डैलविक एक्स्क्यूटेबल (डेक्स) से अर्थात डॆक्स टूल द्वारा डैलविक रूप मे बदल कर प्रयोग किया जाता है।

लाइब्रेरियाँ[संपादित करें]

ये उपकर्णों को की प्राथ्मिक गति विधियों को नियन्त्रित करने के लिए निचले स्तर के साफ़्ट्वेयर बंडल हैं जो सतह पर होने वाली गतिविधियों,थ्री -डी हर्ड्वेयर गति तथा डिस्प्ले सब सिस्टम तथा साफ़्ट्वेयर अनुप्रयोगों के प्रबन्धों को नियन्त्रित करते हैं सूचनाओं को छाँटने मेंएस.क्यू .एल डाटाबेस का प्रयोग महत्वपूर्ण घटक के रूप में किया जाता है।

हिन्दी समर्थन[संपादित करें]

वर्तमान में ऍण्ड्रॉइड मोबाइल फोन तथा टैबलेट हेतु एक लोकप्रिय प्रचालन तन्त्र के रुप में उभर रहा है। ऍण्ड्रॉइड में अभी तक (संस्करण ४.०) हिन्दी समर्थन उपलब्ध है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Licenses". Android Open Source Project. Open Handset Alliance. http://source.android.com/license. अभिगमन तिथि: 2008-10-22. 
  2. Elgin, Ben (August 17, 2005). "Google Buys Android for Its Mobile Arsenal". Bloomberg Businessweek. Bloomberg. Archived from the original on February 24, 2011. http://www.webcitation.org/5wk7sIvVb. अभिगमन तिथि: 2012-02-20. "In what could be a key move in its nascent wireless strategy, Google (GOOG) has quietly acquired startup Android, Inc., ..." 
  3. "T-Mobile G1 Spec". Infosite and comparisons. GSM Arena. http://www.gsmarena.com/t_mobile_g1-2533.php. अभिगमन तिथि: September 12, 2012. 
  4. Isacc, Mike (2011-10-21). "A deep-dive tour of Ice Cream Sandwich with Android's chief engineer". Ars Technica. http://arstechnica.com/gadgets/2011/10/a-deep-dive-tour-of-ice-cream-sandwich-with-androids-chief-engineer/. अभिगमन तिथि: 2012-09-15. 

वाह्य सूत्र[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]