उर्जा का रूपान्तरण
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चित्र:EnergyTransformation.gif
ऊर्जा के रूपान्तरण में तीन ऊर्जा : इन्पुट उर्जा, आउटपुट ऊर्जा एवं नष्ट ऊर्जा (ऊर्जा क्षति)
किसी संकाय (सिस्टम) की कार्य करने की क्षमता को उर्जा कहते हैं। किसी संकाय पर काम करके या उसके द्वारा काम कराकर ही उसकी उर्जा को बदला जा सकता है क्योंकि उर्जा वह राशि है जो संरक्षित (कंजर्व्ड) होती है।
उर्जा तरह-तरह के रूपों में पायी जाती है और भिन्न-भिन्न प्रकार की उर्जा का परस्पर परिवर्तन किया जा सकता है। किसी प्रकार की उर्जा कहीं उपयोगी है तो किसी प्रकार की कहीं और। उदाहरण के लिये कोयले में संचित रासायनिक उर्जा को जलाकर उससे उष्मीय उर्जा प्राप्त की जा सकती है। इस उष्मा से पानी को उबालकर वाष्प बनाकर उससे वाष्प टरबाइन चलाकर इसे यांत्रिक उर्जा में बदला जा सकता है। इस टरबाइन से कोई विद्युत जनित्र चलाकर इस यांत्रिक उर्जा को विद्युत उर्जा में बदला जा सकता है। इस विद्युत उर्जा से प्रकाश बल्ब जलाकर प्रकाश उर्जा प्राप्त की जा सकती है।
इन्हें भी देखें [संपादित करें]
- उर्जा रूपान्तरण की दक्षता
- संरक्षण नियम (Conservation law)
- द्रब्य की अविनाशिता का नियम (Conservation of mass)
- Groundwater energy balance
- उष्मागतिकी के नियम (Laws of thermodynamics)
- Noether's theorem
- Principles of energetics
- अनिश्चितता सिद्धान्त (Uncertainty principle])
- ऊर्जा गुणता (Energy quality)
- ऊष्मार्थशास्त्र (Thermoeconomics)
- ऊर्जा लेखांकन (Energy Accounting)