उपधातु

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वे तत्व जिनमें धातु तथा अधातु दोनों के गुण पाए जाते हैं उन्हें उपधातु (Metalloid) कहते हैं। नैपाली, अंजन, भिदातु, टांकण, सिकातु प्रमुख उपधातु हैं।

ग़ुणधर्म[संपादित करें]

१) उपधातुएँ प्राय: एम्फोटेरिक जारेय (आक्साइड) बनाती हैं। एम्फोटेरिक पदार्थ उन्हें कहते हैं जो अम्ल और क्षार दोनो की ही तरह अभिक्रिया कर सकते हैं।

२) उपधातुएँ प्राय: अर्धचालकता का गुण प्रदर्शित करती हैं।

कभी-कभी उपधातु और अर्धचालक को एक ही समझने की गलती हो जाती है। यद्यपि दोनो में कुछ-कुछ समानता है किन्तु दोनो अलग-अलग हैं। उपधातुओं का कांसेप्ट आवर्त सारणी में एक विशेष स्थिति को प्रदर्शित करता है, जबकि अर्धचालकता तत्वों के अलावा मिश्रधातुओं में भी पायी जाती है।

13 14 15 16 17
B
Boron
C
प्रांगार
N
भूयाति
O
जारक
F
तरस्विनी
Al
स्फटयातु
Si
सैकता
P
भास्वर
S
गन्धक
Cl
नीरजी
Ga
द्रवातु
Ge
सिकातु
As
नैपाली
Se
मेचाग्नि
Br
दुराघ्री/small>
In
नैलातु
Sn
त्रपु
Sb
अंजन
Te
वंगक
I
जंबुकी
Tl
सिक्ष्यातु
Pb
सीसा
Bi
भिदातु
Po
तोयातु
At
लावणी