उत्तरी रेशम मार्ग

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उत्तरी रेशम मार्ग (Northern Silk Road) वर्तमान जनवादी गणतंत्र चीन के उत्तरी क्षेत्र में स्थित एक ऐतिहासिक मार्ग है जो चीन की प्राचीन राजधानी शिआन से पश्चिम की ओर जाते हुए टकलामकान रेगिस्तान से उत्तर निकलकर मध्य एशिया के प्राचीन बैक्ट्रिया और पार्थिया राज्य और फिर और भी आगे ईरान और प्राचीन रोम पहुँचता था। यह मशहूर रेशम मार्ग की उत्तरतम शाखा है और इसपर हज़ारों सालों से चीन और मध्य एशिया के बीच व्यापारिक, फ़ौजी और सांस्कृतिक गतिविधियाँ होती रहीं हैं। पहली सहस्राब्दी (यानि हज़ार साल) ईसापूर्व में चीन के हान राजवंश ने इस मार्ग को चीनी व्यापारियों और सैनिकों के लिए सुरक्षित बनाने के लिए यहाँ पर सक्रीय जातियों के खिलाफ़ बहुत अभियान चलाए जिस से इस मार्ग का प्रयोग और विस्तृत हुआ। चीनी सम्राटों ने विशेषकर शियोंगनु लोगों के प्रभाव को कम करने के बहुत प्रयास किये।[1]

शाखाएँ[संपादित करें]

उत्तरी रेशम मार्ग गांसू प्रान्त के हेशी गलियारे से निकलकर तीन उपमार्गों में बंटता है -[2]

एक शाखा ऐसी भी है जो उत्तरपश्चिम की तरफ़ निकलकर पहले अरल सागर और कैस्पियन सागर और फिर उस से आगे कृष्ण सागर पहुँचती है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. The Silk Road: Two Thousand Years in the Heart of Asia, Frances Wood, University of California Press, 2004, ISBN 978-0-520-24340-8, ... the Xiongnu had provoked the Yuezhi, thus encouraging the Han emperor to contemplate an alliance ... Loulan was a place where the Han emperor Wudi's envoys were constantly harassed ...
  2. The Silk Road Revisited: Markets, Merchants and Minarets, Julie Hill, AuthorHouse, 2006, ISBN 978-1-4259-7280-6, ... The name of the road evokes images of caravans loaded with silks, dyes, and spices plodding across vast ... The weary trade caravans plodding west on the northern and southern routes met up at Kashgar, with the desert's hazards and demons finally behind them ...