ईथरनेट
ईथरनेट, लोकल एरिया नेटवर्क तैयार करने का एक प्रोटोकॉल होता है। यह १९७० के आरंभिक दशक से चली आ रही विश्वसनीय नेटवर्किग उपलब्ध कराने वाली सेवा है। इसकी अभिकल्पना १९७३ में बॉब मेटकॉफ ने की थी। बाद में डिजिटल, इंटेल और जेरॉक्स के प्रयासों से यह लोकल एरिया नेटवर्क का एक मानक प्रतिरूप बन गया। ईथरनेट केबलों के माध्यम से विस्तार किया जाता है। इसके केबल कई रूपों में उपलब्ध होते हैं।[1] इसमें CAT3, CAT5, CAT5ए, और CAT6 सबसे अधिक प्रचलित हैं। इनकी डिजाइन इनके प्रयोग पर निर्भर होती है और इनकी कीमत गुणवत्ता के अनुसार बढ़ती जाती है। ईथरनेट केबिल का प्रयोग प्रायः उच्च-गति वाले कंप्यूटर नेटवर्क के लिए किया जाता है। साथ ही इसका प्रयोग ब्रॉडबैंड के लिए भी होता है। कंप्यूटर के साथ लैन/ईथरनेट को जोड़ने के लिए कंप्यूटर में ईथरनेट कार्ड की आवश्यकता पड़ती है।
एक लोकल एरिया नेटवर्क में कुछ आवश्यक चीजें होती हैं, जैसे, दो या दो से अधिक कंप्यूटर , जो नेटवर्क से जुड़े हों, हर कंप्यूटर में एक नेटवर्क इंटरफेस कार्ड, कंप्यूटर को जोड़ने के लिए एक ईथरनेट केबिल, नेटवर्क यातायात को निर्देशित करने के लिए एक नेटवर्किंग हब और समर्थन सॉफ्टवेयर। नेटवर्क इंटरफेस कार्ड को हर कंप्यूटर में लगाकर इसे एक विशेष एड्रेस आवंटित किया जाता है। हर इंटरफेस कार्ड एक ईथरनेट केबिल के माध्यम से केन्द्रीय हब से जुड़ा होता है। इस हब में लोकल एरिया नेटवर्क के सारे डाटा को प्राप्त और पुनर्निर्देशित किया जाता है। इस तरह ईथरनेट, आंकड़ों के संग्रह, उनकी शेयरिंग के साथ ही प्रिंटर्स, फैक्स मशीन और स्कैनर के पूरे सिस्टम का समूह तैयार करता है।
ईथरनेट प्रणाली का विस्तार करने हेतु तारों का बड़ा जंजाल फैला होता है। इन तारों को बड़े ही व्यवस्थित ढंग से स्रोत से गंतव्य तक पहुंचाना होता है, जिससे कि किसी समस्या के समय तारों की पहचान हो सके साथ ही सुधार भी संभव हो। इस समस्या से निबटने हेतु बेतार ईथरनेट भी प्रचलन में आ गये हैं जिनमें वेव का प्रयोग किया जाता है। इसमें वायरलेस नेटवर्क इंटरफेस कार्ड का प्रयोग होता है, जिसमें एक एंटीना लगा होता है। ये नेटवर्क अपेक्षाकृत अधिक मजबूत होता है लेकिन इसमें अतिरिक्त सुरक्षा की आवश्यकता होती है, क्योंकि तारों को तो किन्हीं निश्चित कंप्यूटरों से जोड़ा जा सकता है, किन्तु जब सारा डाटा बेतार वातावरण में उपलब्ध हो तो कोई भी कंप्यूटर इसे प्राप्त कर सकता है। अतः इसके लिये पासकी आदी कूटशब्दों का प्रयोग किया जाता है। ईथरनेट के विकल्प के रूप में आईबीएम के तैयार किए गए प्रोटोकॉल और एटीएम (तुल्यकालिक स्थानांतरण माध्यम/एसाइनोक्रोनस ट्रांसफर मोड) तकनीक का भी प्रयोग किया जा सकता है।[1]
संदर्भ
- मेटकाफ, रॉबर्ट एम एवं बॉग्स, डेविड आर. (जुलाई १९७६). "ईथरनेट: डिस्ट्रीब्यूटेड पैकेट स्विचिंग फ़ॉर लोकल कंप्यूटर नेटवर्क्स". कम्युनिकेशंस ऑफ द एसीएम १९ (५): ३९५-४०५. doi:10.1145/360248.360253. http://portal.acm.org/citation.cfm?id=360253&dl=ACM&coll=ACM&CFID=39370057&CFTOKEN=52797288. - ईथरनेट पर मूल मेटकाल्फ और बोगस कागज.
- डिजिटल इक्विपमेंट कार्पो. इंटेल कार्पो, ज़ेरॉक्स कार्पो. (सितंबर, १९८०). "द ईथरनेट: ए लोकल एरिया नेटवर्क". - DIX विनिर्देशन का संस्करण 1.0.
- बॉग्स, डेविड आर. एवं मोगुल, जेफ़रे सी, एवं केन्ट, क्रिस्टोफर ए. (१९८८). "मेज़र्ड कैपेसिटी ऑफ एन ईथरनेट: मिथ्स एण्ड रियलिटी" (PDF). SIGCOMM88 – सिम्पोज़ियम प्रोसीडिंग्स ऑन कम्यूनिकेशंस आर्किटेक्चर्स एण्ड प्रोटोकॉल्स. pp. २२२-२३४. doi:10.1145/52324.52347. ftp://gatekeeper.dec.com/pub/DEC/WRL/research-reports/WRL-TR-88.4.pdf. - on the issue of Ethernet bandwidth collapse.
- IEEE 802.3-2008 मानक
- Don Provan (1993-09-17). "Ethernet Framing". comp.sys.novell. (Web link). a classic series of Usenet postings by Novell's Don Provan that have found their way into numerous FAQs and are widely considered the definitive answer to the Novell Frame Type jungle ..
बाहरी लिंक
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