इरोम चानू शर्मिला

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इरोम चानू शर्मिला

इरोम चानू शर्मिला
जन्म 14 मार्च 1972 (1972-03-14) (आयु 42)
कोंगपाल, इम्फाल, मणिपुर, भारत
राष्ट्रीयता भारतीय
व्यवसाय मानवाधिकार कार्यकर्ता, कवयित्री
जाने–जाते हैं सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम, १९५८ को हटाने के लिए भूख हड़ताल
माता - पिता इरोम नंदा (पिता)
इरोम ओंग्बी सखी (माता)

इरोम चानू शर्मिला(जन्म:14 मार्च 1972) मणिपुर की मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं, जो पूर्वोत्तर राज्यों में लागू सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम, १९५८ को हटाने के लिए पिछले एक दशक से भी अधिक समय (4 नवम्बर 2000[1] ) से भूख हड़ताल पर हैं। पूर्वोत्तर राज्यों के विभिन्न हिस्सों में लागू इस कानून के तहत सुरक्षा बलों को किसी को भी देखते ही गोली मारने या बिना वारंट के गिरफ्तार करने का अधिकार है। शर्मिला इसके खिलाफ इम्फाल के जस्ट पीस फाउंडेशन नामक गैर सरकारी संगठन से जुड़कर भूख हड़ताल कर रही हैं। सरकार ने शर्मिला को आत्महत्या के प्रयास में गिरफ्तार कर लिया था। क्योंकि यह गिरफ्तारी एक साल से अधिक नहीं हो सकती अतः हर साल उन्हें रिहा करते ही दोबारा गिरफ्तार कर लिया जाता था।[2] नाक से लगी एक नली के जरिए उन्हें खाना दिया जाता था तथा इस के लिए पोरोपट के सरकारी अस्पताल के एक कमरे को अस्थायी जेल बना दिया गया था। 14 वर्षों की गिरफ्तारी के बाद 20 अगस्त 2014 को सेशन कोर्ट के आदेश से उन्हें रिहा किया गया।[3]


पृष्ठभूमि[संपादित करें]

इरोम ने अपनी भूख हड़ताल तब की थी जब 2 नवम्बर के दिन मणिपुर की राजधानी इंफाल के मालोम में असम राइफल्स के जवानों के हाथों 10 बेगुनाह लोग मारे गए थे। उन्होंने 4 नवम्बर 2000 को अपना अनशन शुरू किया था, इस उम्मीद के साथ कि 1958 से अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, असम, नगालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा में और 1990 से जम्मू-कश्मीर में लागू आर्म्ड फोर्स स्पेशल पावर एक्ट (एएफएसपीए) को हटवाने में वह महात्मा गांधी के नक्शेकदम पर चल कर कामयाब होंगी।[1]

आत्महत्या की कोशिश करने का मुकद्दमा[संपादित करें]

२०१३ में उन पर आत्महत्या की कोशिश करने का मुकद्दमा चलाने के लिए अदालत में आरोप तय किए गया।[1] 20 अगस्त 2014 को सेशन कोर्ट के आदेश से उन्हें रिहा किया गया।[3]

आम आदमी पार्टी द्वारा राजनीति में आने का निमंत्रण[संपादित करें]

जस्ट पीस फाउंडेशन ट्रस्ट (जेपीएफ) के जरिए शर्मिला को आम आदमी पार्टी के नेता प्रशांत भूषण ने मणिपुर की लोकसभा सीट से आम आदमी पार्टी (आप) के टिकट पर २०१४ के लोकसभा चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया किंतु उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया।[4]


सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]