इन्वर्टर (शक्ति एलेक्ट्रानिकी)

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इन्वर्टर (शक्ति एलेक्ट्रानिकी).
Müllberg Speyer - 6 - Rückseite der östlichen Solarpanele.JPG

शक्ति प्रतीपक या पॉवर इन्वर्टर एक ऐसी पॉवर सप्लाई को कहते हैं जो डीसी को एसी में परिवर्तित करता है। इससे प्राप्त एसी किसी भी वोल्टता और आवृत्ति की हो सकती है। इन्वर्टर को उच्च शक्ति का एलेक्ट्रानिक आसिलेटर की तरह समझा जा सकता है।

प्रकार[संपादित करें]

इन्वर्टर एक-फेजी या त्रिफेजी हो सकते हैं। उनका आउटपुट साइन-वेव या स्क्वायर-वेव हो सकता है।

नियंत्रण के आधार पर[संपादित करें]

  • लाइन से बन्द होने वाले (लाइन कम्युटेटेड) इन्वर्टर
  • स्वत: बन्द-चालू होने वाले इन्वर्टर (सेल्फ् कम्युटेटेड इन्वर्टर)

आउटपुट के तरंग-आकार के आधार पर[संपादित करें]

  • स्क्वायर-वेव आउटपुट
  • साइन-वेव आउटपुट

उपयोग[संपादित करें]

ऊर्जा-बचाने वाले लैम्पों के आधार में लगने वाला एक इन्वर्टर
  • सौर ऊर्जा
  • बैटरीचालित गाड़ियों में
  • उच्च वोल्टता डीसी संप्रेषण (एचवीडीसी) - अन्ततः संप्रेषित दीसी को एसी में बदलकर ही वितरण और उपयोग किया जाता है।
  • प्रकाश व्यवस्था - आजकल सीएफएल को चलाने के लिये उसके आधार में ही एक छोटा सा इन्वर्टर लगा रहता है। इसी प्रकार ट्यूबलाइट के लिये आने वाले तथाकथित 'एलेक्ट्रानिक चोक' भी 'रिजोनेन्ट इन्वर्टर' ही हैं।

इतिहास और विकासक्रम[संपादित करें]

सबसे पहले यांत्रिक इन्वर्टर प्रचलन में आये। इनमें यांत्रिक स्विचों के द्वरा डीसी की ध्रुवता (पोलैरिटी) को बदला जाता था। बाद में ट्यूब पर आधारित इन्वर्टर चले। अब अधिकांशतः अर्धचालक युक्तियों से ही इन्वर्टर बनते हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]