आविश्लेषिक फलन

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गणित में, फलनों की आविश्लेषिक कक्षा निम्नलिखित प्रभाव के अंतरगत वास्तविक विश्लेषणात्मक फलनों का व्यापकीकरण है। यदि f अन्तराल [a,b] ⊂ R एक विश्लेषणात्मक फलन है और किसी बिन्दु पर f और इसके सभी अवकलज शून्य हैं तो f, [a,b] में समान रूप से शून्य होगा। आविश्लेषिक कक्षा उन फलनों की व्यापक कक्षा है जिनमें उपरोक्त कथन सय है।

परिभाषा[संपादित करें]

माना M=\{M_k\}_{k=0}^\infty धनात्मक वास्तविक संख्याओं का एक अनुक्रम है जहाँ M0 = 1 है। तब हम f ∈ C([a,b]) के लिए फलनों की कक्षा CM([a,b]) परिभाषित करते हैं जो निम्न समीकरण को संतुष्ट करती है।

\left |\frac{d^kf}{dx^k}(x) \right | \leq A^{k+1} M_k

सभी x ∈ [a,b], कुछ नियतांक A और सभी ऋणेत्तर पूर्णांक k के लिए। यदि Mk = k! हो तो यह अन्तराल [a,b] पर वास्तविक विश्लेषणात्मक फलनों की कक्षा है। कक्षा CM([a,b]) आविश्लेषिक होगी यदि जब f ∈ CM([a,b]) और

\frac{d^k f}{dx^k}(x) = 0

कुछ बिंदुओं के लिए x ∈ [a,b] और सभी k, f समान रूप से शून्य हो।

एक फलन f को आविश्लेषिक फलन कहलाता है यदि f किसी आविश्लेषिक कक्षा में हो।

सन्दर्भ[संपादित करें]