आमार शोनार बांग्ला

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अमार शोनार बांग्ला (मेरा सोने का बंगाल या मेरा सोने जैसा बंगाल), बांग्लादेश का राष्ट्रगान है, जिसे गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने लिखा था। यह बांग्ला भाषा में है। गुरुदेव ने इसे बंग भंग के समय सन १९०६ में लिखा था जब मजहब के आधार पर अंग्रेजों ने बंगाल को दो भागों में बांट दिया था। यह गीत बंगाल के एकीकरण के लिये माहौल बनाने के लिये लिखा गया था।

स्वतन्त्र होने के बाद बांग्लादेश ने सन १९७२ में इस गीत की प्रथम दस पंक्तियों को राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार किया।

गीत का पाठ[संपादित करें]

बांग्ला लिपि में लिप्यंतरण हिन्दी अनुवाद
আমার সোনার বাংলা

আমার সোনার বাংলা,
আমি তোমায় ভালবাসি।

आमार शोनार बांग्ला

आमार शोनार बांग्ला,
आमि तोमाए भालोबाशी.

मेरा प्रिय बंगाल

मेरा सोने जैसा बंगाल,
मैं तुमसे प्यार करता हूँ.

চিরদিন তোমার আকাশ,
তোমার বাতাস,
আমার প্রাণে বাজায় বাঁশি।

चिरोदिन तोमार आकाश,
तोमार बताश,
अमार प्राने बजाए बाशी.

सदैव तुम्हारा आकाश,
तुम्हारी वायु
मेरे प्राणों में बाँसुरी सी बजाती है।

ও মা,
ফাগুনে তোর আমের বনে,
ঘ্রানে পাগল করে,
মরি হায়, হায় রে,
ও মা,
অঘ্রানে তোর ভরা খেতে,
আমি কি দেখেছি মধুর হাসি।

ओ माँ,
फागुने तोर अमेर बोने
घ्राने पागल कोरे,
मोरी हए, हए रे,
ओ माँ,
ओघ्राने तोर भोरा खेते
अमी कि देखेछी मोधुर हाशी.

ओ माँ,
वसंत में आम्रकुंज से आती सुगंध
मुझे खुशी से पागल करती है,
वाह, क्या आनंद!
ओ माँ,
आषाढ़ में पूरी तरह से फूले धान के खेत,
मैने मधुर मुस्कान को फैलते देखा है।

কি শোভা কি ছায়া গো,
কি স্নেহ কি মায়া গো,
কি আঁচল বিছায়েছ,
বটের মূলে,
নদীর কূলে কূলে।

की शोभा, की छाया गो,
की स्नेहो, की माया गो,
की अचोल बिछाइछो,
बोतेर मूले,
नोदिर कूले कूले!

क्या शोभा, क्या छाया,
क्या स्नेह, क्या माया!
क्या आँचल बिछाया है
बरगद तले
नदी किनारे किनारे!

মা, তোর মুখের বাণী,
আমার কানে লাগে,
সুধার মতো,
মরি হায়, হায় রে,
মা, তোর বদনখানি মলিন হলে,
আমি নয়ন জলে ভাসি।

माँ, तोर मुखेर बानी
आमार काने लागे,
शुधार मोतो,
मोरी हए, हए रे,
माँ, तोर बोदोनखानी मोलीन होले,
आमि नोयन जोले भाशी.

माँ, तेरे मुख की वाणी,
मेरे कानो को,
अमृत लगती है,
वाह, क्या आनंद!
मेरी माँ, यदि उदासी तुम्हारे चेहरे पर आती है,
मेरे नयन भी आँसुओं से भर आते हैं।

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