आदिम हिन्द-ईरानी भाषा

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आदिम हिन्द-ईरानी भाषा वह लुप्त भाषा थी जो हिन्द-ईरानी भाषा परिवार की सभी भाषाओँ की जननी थी, जिनमें संस्कृत, हिन्दी, कश्मीरी, सिन्धी, पंजाबी, असमिया, अवस्ताई, फ़ारसी, पश्तो, बलोची और कुर्दी भाषाएँ शामिल हैं। यह हिन्द-यूरोपी भाषा परिवार की एक भाषा थी और इस से ही हिन्द-ईरानी भाषा शाखा शुरू हुई। अनुमान किया जाता है के इसे बोलने वाले आदिम-हिन्दी-ईरानी लोग 2500 ईसा-पूर्व के आसपास के दौर में रहते थे। [1]

शब्दावली और बदलाव[संपादित करें]

इस शब्दावली में देखा जा सकता है के कैसे आदिम-हिन्द-यूरोपी भाषा के कुछ शब्द आदिम-हिन्द-ईरानी भाषा में बदले और फिर संस्कृत (हिन्द-आर्य भाषा) और अवस्ताई (ईरानी भाषा) के शब्द बने[2] -

आधुनिक हिन्दी आदिम हिन्द-यूरोपी आदिम-हिन्द-ईरानी प्राचीन फ़ारसी / अवस्ताई संस्कृत / वैदिक संस्कृत आधुनिक फ़ारसी टिपण्णी
है हस्ती अस्ति अस्ति अस्त
पूरा / बूढ़ा उर्धतो उर्द्ज़्धा वर्ज़द वृद्ध बुज़ुर्ग
गेंहू का दाना धोख़्नह दाना धाना दाना "धान" का अर्थ अब हिन्दी में "गेंहू" हो गया है
भेड़िया उल्क्वोस वह्र्क व्लक / वृक गुर्ग अग्रेज़ी का "वुल्फ़" (wolf) इसका सजातीय शब्द है
घुटना गोनू ज़ानू जानू ज़ानू फ़ारसी में 'ज़' और संस्कृत में 'ज' अक्सर बराबरी में होते हैं
हृदय / दिल कृद ज़रद हृद अंग्रेज़ी का "कार्ड-"/"कार्डीयैक" (cardiac) शब्द इसका सजातीय है
सौ कम्तोम सतम शतम सद
भूमी भूमी बूमी भूमी
सच अर्त अश / अर्त ऋत अंग्रेज़ी का राईट (right) शब्द इसका सजातीय है
क्रूर / ख़ून क्रूहारोस ख़्रूर क्रूर ख़ून
महीना मास (अर्थ:चाँद) माह मास माह हिन्दी से मास का "चाँद" अर्थ लुप्त हो गया और केवल "महीना" ही रह गया
घोड़ा अच्व अस्प अश्व अस्ब
भाई भ्रात्र ब्रातर भ्रातृ बिरादर
चूहा मूस मूस मूश / मूस
गाय गवऊ गऊ गऊ / गाव गऊ
लम्बा द्ल्ख़घोस दराग दीर्घ दराज़
लकड़ी दोरु दारु दारु
हिस्सा / बांटना भेह्ग भाग बख़्श भाग
पीछे / रीढ़ की हड्डी पृस्तो पृश्त पर्श्त पृष्ठ पुश्त

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

संदर्भ[संपादित करें]