आखिर ऐसा क्या कह दिया मैंने
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नागार्जुन की कृतियाँ |
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अपने खेत में, युगधारा, सतरंगे पंखों वाली, तालाब की मछलियाँ, खिचड़ी विपल्व देखा हमने, हज़ार-हज़ार बाहों वाली, पुरानी जूतियों का कोरस, तुमने कहा था, आखिर ऐसा क्या कह दिया मैंने, इस गुबार की छाया में, ओम मंत्र, भूल जाओ पुराने सपने, रत्नगर्भ।
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