अशोक चक्र (प्रतीक)
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सम्राट अशोक के बहुत से शिलालेखों पर प्रायः एक चक्र (पहिया) बना हुआ है । इसे अशोक चक्र कहते हैं। यह चक्र धर्मचक्र का प्रतीक है । उदाहरण के लिये सारनाथ स्थित सिंह-चतुर्मुख (लॉयन कपिटल) एवं अशोक स्तम्भ पर अशोक चक्र विद्यमान है। भारत के राष्ट्रीय ध्वज में अशोक चक्र को स्थान दिया गया है।
अशोक चक्र में चौबीस तीलियाँ (स्पोक्स्) हैं जो दिन के चौबीस घंटो का प्रतीक है।
इतिहास [संपादित करें]
अशोक चक्र, सम्राट अशोक के बाद अस्तित्व में आया था। चक्र का अर्थ संस्कृत में पहिया होता है। किसी बार-बार दुहराने वाली प्रक्रिया को भी चक्र कहते हैं। चक्र स्वत: परिवर्तित होते रहने वाले समय का प्रतीक है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार संसार को चार युगों से होकर गुजरना पड़ता है जिन्हें सतयुग, त्रेता, द्वापर एवं कलि के नाम से जाना जाता है। yeh chakra 24 ghante kam krne ka pratik hai
इन्हें भी देखें [संपादित करें]
- अशोक चक्र (पदक)
- भारत का राष्ट्र-ध्वज (National Flag of India)
- भारत का राष्ट्रीय चिंह (National Emblem of India)